बस्सी में अवैध खनन पर तहसीलदार की बड़ी कार्रवाई, जेसीबी-दो ट्रैक्टर जब्त, सिफारिश और दबाव के आरोप
बस्सी में अवैध खनन के खिलाफ तहसीलदार की कार्रवाई में जेसीबी और दो ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त हुईं। कार्रवाई के बाद सिफारिश, दबाव और विवाद के आरोप चर्चा में हैं।

तस्वीर में बस्सी में जब्त की गई एक पीले रंग की जेसीबी और मिट्टी से भरी दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खुले मैदान में खड़ी दिख रही हैं।
बस्सी में लंबे समय से जारी अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए एक जेसीबी और मिट्टी से भरे दो ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर थाने में खड़े करवा दिए। क्षेत्र में लंबे समय से बस्सी और आसपास के इलाकों में अवैध खनन की शिकायतें सामने आ रही थीं। मामला प्रमुखता से उठने के बाद प्रशासन हरकत में आया और बस्सी तहसीलदार मुकेश गुर्जर ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
तहसीलदार मुकेश गुर्जर की कार्रवाई के तहत अवैध खनन में लगी जेसीबी और मिट्टी से भरे दो ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किए गए। हालांकि जेसीबी और ट्रैक्टरों के संबंध में आगे क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी नहीं मिल सकी। इस बीच खबर मिली कि कार्रवाई के बाद से ही नेताओं के सिफारिशी फोन आने लगे और जब्त किए गए वाहनों को छुड़ाने के लिए दबाव बनाया जाने लगा। कार्रवाई के दौरान ही बस्सी थाने में आयोजित सीएलजी बैठक में भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। तहसीलदार मुकेश गुर्जर ने कहा कि अवैध खनन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
क्षेत्र में लंबे समय से चरनोट, बिलानाम और सरकारी जमीनों से मिट्टी निकाले जाने की खबरें सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। कार्रवाई की सूचना सोशल मीडिया पर सामने आते ही कथित तौर पर सेटिंग का खेल भी शुरू हो गया। मीडियाकर्मियों द्वारा सोशल मीडिया पर खबर प्रसारित किए जाने के बाद पुलिस की ओर से दबाव बनाए जाने का आरोप लगा। बताया गया कि पुलिस ने पूछा कि प्रेस नोट जारी होने से पहले खबर कैसे प्रकाशित की गई।
इस पर मीडियाकर्मियों ने स्पष्ट कहा कि खबर प्रकाशित करने के लिए प्रेस नोट की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि कार्रवाई हुई है और इसकी जानकारी तहसीलदार मुकेश गुर्जर ने दी है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि किसी भी खबर के संबंध में एक बार उन्हें सूचना दी जाए, लेकिन मीडिया ने इसे स्वीकार करने से इनकार करते हुए कहा कि पत्रकारिता स्वतंत्र है और स्वतंत्र रहेगी।
घटनाक्रम के दौरान पुलिस ने मीडिया को सीएलजी व्हाट्सएप ग्रुप से हटा दिया और दबाव बनाने का आरोप भी सामने आया। बाद में मीडिया को दोबारा ग्रुप में जोड़ दिया गया तथा फिर से कहा गया कि किसी भी खबर की सूचना उन्हें दी जाए। पूरे घटनाक्रम के बीच क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर कथित रूप से राजनेताओं और पुलिस के गठजोड़ से संचालन होने के आरोप भी सामने आए, जबकि तहसीलदार ने अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात दोहराई।

Pratahkal Bureau
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