बस्सी में भैरव रिसोर्ट के पास सोनगर पुलिया पर ग्रेनाइट पत्थरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। ट्रॉली में लदे पत्थर पूरी तरह टूट गए। गनीमत रही कि हादसे के समय मौके पर कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

जानकारी के अनुसार, समीपवर्ती आजोलिया का खेड़ा मार्बल औद्योगिक क्षेत्र से ग्रेनाइट पत्थर लेकर ट्रैक्टर-ट्रॉली नीतिन स्पीनर्स की ओर जा रही थी। इसी दौरान बस्सी के भैरव रिसोर्ट के पास सोनगर पुलिया पर ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में ट्रॉली में भरे ग्रेनाइट पत्थर पूरी तरह टूट गए।

ट्रॉली पलटने के बाद मौके पर ही मालिक को सूचना दी गई। इसके बाद दूसरे वाहनों की मदद से ट्रॉली में भरे माल को हटवाया गया। हादसे के दौरान घटनास्थल पर किसी के मौजूद नहीं होने से जनहानि की स्थिति नहीं बनी।

इस घटना के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में क्षमता से अधिक माल लादने का मुद्दा फिर चर्चा में है। गौरतलब है कि 2-3 टन माल ले जाने की क्षमता वाली ट्रॉलियों में 12 टन से अधिक माल का लदान किया जाता है। इसी वजह से इस प्रकार की घटनाएं होने की बात सामने आ रही है।

ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि इस हादसे में कोई बड़ा नुकसान हो जाता, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता? सोनगर पुलिया पर हुई यह घटना ओवरलोडिंग से जुड़े खतरे को सामने लाती है।

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