बस्सी में प्राचीन देवसागर तलाई की पाल तोड़ी, ग्रामीणों ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
असामाजिक तत्वों द्वारा तालाब की पाल को नुकसान पहुंचाने से वर्षाकाल में जलभराव का संकट, ग्रामीणों ने प्रभावशाली लोगों पर फर्जीवाड़े का भी आरोप लगाया।

बस्सी कस्बे में ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति प्रशासन की उदासीनता और असामाजिक तत्वों की मनमानी के विरुद्ध ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया है। क्षेत्र की प्राचीन देवसागर तलाई के अस्तित्व पर मंडराते संकट को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने तहसीलदार मुकेश गुर्जर को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि क्षतिग्रस्त पाल की तत्काल मरम्मत नहीं की गई, तो आगामी बरसात के दिनों में क्षेत्र को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
ग्रामीणों के अनुसार, यह प्राचीन तलाई न केवल बस्सी की ऐतिहासिक विरासत है, बल्कि यह पेयजल आपूर्ति, जल संवर्धन और पशु-पक्षियों के लिए जीवनदायिनी स्रोत भी है। वर्षभर जलमग्न रहने वाली इस तलाई के कारण ही संपूर्ण क्षेत्र का भू-जल स्तर स्थिर बना रहता है। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा निजी स्वार्थवश तलाई के पाल वाले रास्ते को चौड़ा करने के नाम पर प्राचीन संरचना को तोड़ दिया गया है और वर्तमान में भी इसे नष्ट करने का कुप्रयास निरंतर जारी है। पूर्व में भी ग्रामीणों ने स्वयं के स्तर पर मिट्टी के कटाव को रोकने हेतु रेत के कट्टे डालकर पाल को बचाने का प्रयास किया था, किंतु अब स्थिति नियंत्रण से बाहर हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने देवसागर तलाई की पाल को पुनः सुरक्षित कर जनजीवन और पर्यावरण संरक्षण हेतु ठोस कदम उठाने की मांग दोहराई है।
इसी प्रकरण के एक अन्य संवेदनशील पहलू को लेकर देवसागर तलाई के समीप स्थित पुरानी आबादी के निवासियों ने भी तहसीलदार को वस्तुस्थिति से अवगत कराया। पीड़ित परिवारों ने बताया कि वे कई वर्षों से वहां मकान बनाकर निवास कर रहे हैं, किंतु गांव के कुछ प्रभावशाली लोग रास्ता निकालने की आड़ में उनके मकानों के बाहरी हिस्सों को अवैध रूप से तोड़ने पर उतारू हैं। ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रभावशाली लोगों द्वारा फर्जी हस्ताक्षर कर गलत रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जबकि उन्होंने किसी भी दस्तावेज पर अपनी सहमति नहीं दी है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार मुकेश गुर्जर ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी और दोषियों के विरुद्ध उचित कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। बस्सी की इस अनमोल जल धरोहर को बचाने की यह मुहिम अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

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