देहीखेड़ा तालाब के पास मगरमच्छ का आतंक, रोज पशुओं पर मंडरा रहा खतरा, ग्रामीणों में बढ़ी दहशत
बस्सी के देहीखेड़ा गांव में तालाब के पास मगरमच्छ लगातार नजर आने से ग्रामीणों में दहशत है। वन विभाग ने रेस्क्यू का प्रयास किया और जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया।

तस्वीर में बस्सी के देहीखेड़ा में तालाब के समीप खुले मैदान में एकत्र हुए वन विभाग के अधिकारी और स्थानीय ग्रामीण नजर आ रहे हैं।
बस्सी के समीपवर्ती देहीखेड़ा गांव में मगरमच्छ के लगातार दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि मगरमच्छ रोजाना गाय, भैंस और बकरियों का शिकार करने के लिए सड़क और तालाब के आसपास नजर आता है, जिससे लोगों में भय व्याप्त है।
पूर्व सरपंच रतनभंवर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार को देहीखेड़ा तालाब के पास ग्रामीणों को मगरमच्छ दिखाई दिया। उस दौरान वह पशुओं का शिकार करने की ओर बढ़ रहा था, लेकिन ग्रामीणों की आवाज और शोर सुनकर वापस पानी में चला गया। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी तालाब के पास मगरमच्छ नजर आ चुका है और वह बेकाबू है, जो कभी भी हमला कर सकता है।
मगरमच्छ के लगातार दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मगरमच्छ को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन तालाब में अधिक पानी और गहराई होने के कारण मगरमच्छ अंदर चला गया, जिससे रेस्क्यू अभियान सफल नहीं हो सका।
वन विभाग की टीम ने ग्रामवासियों को आवश्यक सावधानी बरतने के निर्देश दिए। साथ ही जल्द ही मगरमच्छ का रेस्क्यू किए जाने का आश्वासन भी दिया। मगरमच्छ को रेस्क्यू करने के दौरान क्षेत्रीय वन अधिकारी, फोरेस्टर तथा बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौके पर मौजूद रहे।

Pratahkal Bureau
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