बड़ी सादड़ी में जिंक अपशिष्ट हटाने की मांग पर उग्र हुए ग्रामीण, तहसील कार्यालय के बाहर प्रदर्शन, चक्का जाम की चेतावनी
बड़ी सादड़ी में जहर मुक्त बड़ी सादड़ी संघर्ष समिति के आह्वान पर ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रायंगपुरिया, शिकारपुरा और कटाई महादेव क्षेत्र से जिंक अपशिष्ट हटाने की मांग की। कार्रवाई नहीं होने पर करजू मोड़ पर चक्का जाम और उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी गई।

बड़ी सादड़ी तहसील कार्यालय के बाहर ज्ञापन सौंपते 'जहर मुक्त बड़ी सादड़ी संघर्ष समिति' के सदस्य और स्थानीय ग्रामीण।
बड़ी सादड़ी में जहर मुक्त बड़ी सादड़ी संघर्ष समिति के आह्वान पर शनिवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण तहसील कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए और रायंगपुरिया, शिकारपुरा एवं कटाई महादेव क्षेत्र में पड़े हिंदुस्तान जिंक के अपशिष्ट को शीघ्र हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शुरुआत में हिंदुस्तान जिंक द्वारा बड़ी संख्या में डंपरों के माध्यम से अपशिष्ट उठाने का कार्य किया गया था, लेकिन बाद में यह कार्य लगभग बंद कर दिया गया। ग्रामीणों ने इसे कंपनी का दोहरा रवैया बताते हुए कहा कि यदि यह अपशिष्ट जनस्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, तो इसके निस्तारण का कार्य अधूरा छोड़ने का कोई औचित्य नहीं है।
इस अवसर पर रणजीत सिंह झाला ने कहा कि हिंदुस्तान जिंक का यह दोहरा व्यवहार समझ से परे है। उन्होंने कहा कि एक ओर कंपनी स्वयं मानती है कि यह अपशिष्ट स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए हानिकारक है, वहीं दूसरी ओर इसके निस्तारण की प्रक्रिया धीमी कर दी गई है, जिससे क्षेत्रवासियों में भारी रोष व्याप्त है।
प्रभु प्रजापति ने कहा कि प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप करते हुए शेष जिंक अपशिष्ट को जल्द से जल्द उठवाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्षा के कारण अपशिष्ट का बहाव जल स्रोतों तक पहुंच रहा है, जिससे पर्यावरण और आमजन के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो वे करजू मोड़ पर एकत्रित होकर चक्का जाम और उग्र प्रदर्शन करेंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों की होगी।
जहर मुक्त बड़ी सादड़ी संघर्ष समिति ने प्रशासन से जनहित में तत्काल कार्रवाई करते हुए शेष जिंक अपशिष्ट को पूर्ण रूप से हटाने की मांग की है।
इस दौरान प्रशासक कैलाश सिंह, प्रशासक सदस्य सुनील टांक, देवी लाल मेघवाल, लाल सिंह, प्रहलाद सिंह, मांगू सिंह, राम सिंह, शंभू सिंह, बालू सिंह, नंद सिंह, कैलाश सिंह सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।

