युवा भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर संघ ने किया संवाद, राष्ट्रभक्ति का दिया संदेश
बड़ी सादड़ी के बोहेड़ा और पंडेड़ा में संघ के युवा आधारित कार्यक्रमों में गणपत लाल गायरी ने भारत की गौरवशाली परंपरा, व्यक्ति निर्माण, पंच परिवर्तन और युवाओं की राष्ट्रभक्ति पर संवाद किया।

तस्वीर में बड़ी सादड़ी के निंबाहेड़ा क्षेत्र में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के युवा कार्यक्रम के दौरान वक्ता मंच से संबोधित करते हुए नजर आ रहे हैं।
बड़ी सादड़ी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के निमित्त वर्षभर चले विभिन्न कार्यक्रमों के बाद अब देशभर में सभी श्रेणियों के युवाओं को केंद्रित कर संगोष्ठी, संवाद, जिज्ञासा-समाधान बैठक एवं अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में निंबाहेड़ा जिले के बड़ी सादड़ी खंड में बोहेड़ा और पंडेड़ा मंडल मुख्यालय पर युवा आधारित दो कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रमों में युवाओं और प्रबुद्धजनों के बीच संवाद के माध्यम से विषय का प्रतिपादन किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में संघ के चित्तौड़ विभाग के विभाग महाविद्यालय विद्यार्थी कार्य प्रमुख गणपत लाल गायरी ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत का गौरवशाली इतिहास रहा है और हर क्षेत्र में भारत श्रेष्ठ रहा है। भारत विज्ञान, कला और धन-संपदा में विश्व का सिरमौर राष्ट्र रहा है।
गणपत लाल गायरी ने कहा कि भारत आदिकाल से अखंड था, अखंड है और अखंड रहेगा। भौगोलिक बदलाव आया है, लेकिन सांस्कृतिक बदलाव अभी भी वही है। हम देश के रूप में भौगोलिक सीमा में हो सकते हैं, लेकिन एक राष्ट्र के रूप में पूरे विश्व में भारत की संस्कृति विद्यमान है। आज पूरा विश्व शांति और अध्यात्म को लेकर भारत की ओर नजर लगाए बैठा है।
उन्होंने कहा कि पूरे संसार में भारत ही एकमात्र ऐसा राष्ट्र है, जहां ऋषि परंपरा, वेद परंपरा और ईश्वरों के अवतार हुए हैं। दुनिया को अगर किसी ने सबसे पहले ज्ञान दिखाया तो वह राष्ट्र भारत ही है। उन्होंने गीत की पंक्ति, “जब दुनिया रो मिनख जिनवार नागौ बूछो डोले रे, तब भारत रा टाबरिया बेदारी ऋचाएं बोले रे” के माध्यम से उपस्थित युवाओं से संवाद किया और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ क्या है, यह जानना आवश्यक है। संघ को जानना है तो शाखा में आइए, क्योंकि 100 वर्षों से संघ व्यक्ति निर्माण का काम करता आया है। संघ का मानना है कि व्यक्ति निर्माण से ही राष्ट्र निर्माण का मार्ग प्रशस्त होता है। संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में पंच परिवर्तन के माध्यम से समाज परिवर्तन करने का लक्ष्य लेकर निरंतर लगा हुआ है।
गणपत लाल गायरी ने युवाओं से कहा कि हमें विचार करना है कि मैं इस राष्ट्र के लिए कितना समय दे सकता हूं। देशभक्ति केवल सीमा पर जाकर ही नहीं, बल्कि जहां हम मौजूद हैं, वहां रहकर भी अपने कर्तव्य को ईमानदारी और समय पालन के साथ पूर्ण करने में है। सौंपे गए कार्य को गुणात्मक दृष्टिकोण से श्रेष्ठ से श्रेष्ठ करने का कर्म करना ही सच्ची राष्ट्रभक्ति होगी।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती की पूजा-अर्चना के साथ राष्ट्रीय गीत से हुआ और अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इन कार्यक्रमों में सह जिला कार्यवाह बाबूलाल पोरवाल का पावन सानिध्य मिला। संचालन सह खंड धर्म जागरण संयोजक भगवत सिंह ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य सुभाष जी बुनकर व कैलाश जी मेनारिया ने की।

Pradeep Vaishnav, Chittorgarh
नाम: प्रदीप वैष्णव
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: बड़ी सादड़ी तहसील
अनुभव: 26 साल (सन 2000 से 'प्रातःकाल' के साथ कार्यरत)
परिचय
प्रदीप वैष्णव बड़ी सादड़ी तहसील क्षेत्र के एक अनुभवी पत्रकार हैं। वह स्थानीय समाचारों, सामाजिक गतिविधियों, शिक्षा और क्राइम रिपोर्टिंग के क्षेत्रों में मुख्य रूप से सक्रिय हैं। वह सामाजिक, शैक्षणिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़े विषयों में विशेष रुचि रखते हैं। तथ्यात्मक और सरल रिपोर्टिंग को प्राथमिकता देना तथा जनहित से संबंधित विषयों को निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत करना उनकी कार्यशैली का हिस्सा है।
बीट और विशेषज्ञता
- स्थानीय समाचार: बड़ी सादड़ी तहसील और आसपास के क्षेत्रों से जुड़े स्थानीय व सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग।
- क्राइम: क्षेत्र की कानून-व्यवस्था, पुलिस कार्रवाई और अपराध से जुड़े मामलों की कवरेज।
- शिक्षा: शैक्षणिक गतिविधियां, विद्यार्थियों से जुड़े विषय और शिक्षा संबंधी समाचार।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
B.A. जर्नलिज्म (पत्रकारिता में स्नातक)
