बड़ी सादड़ी। कस्बे निकुंभ के समता भवन में विगत 54 दिन से जारी प्रवचन श्रृंखला में शासन दीपक निश्चल मुनि मसा आदि ठाणा 2 ने श्रावकों को परनिंदा का स्वभाव त्यागकर आत्मचिंतन और अंतर्मन की बुराइयों को दूर करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जिस दिन मानव दूसरों की निंदा के बजाय अपने भीतर की बुराइयों को दूर करने में समय लगाना शुरू कर देगा, उसी दिन उसे मोक्ष प्राप्ति का मार्ग मिल सकता है।

प्रवचन के दौरान उन्होंने कहा कि परनिंदा की जगह स्वनिंदा करके मानव पाप मुक्त बन सकता है। धर्म व्यक्ति को निर्भय बनाता है। धर्म की रक्षा के लिए मानव को तप और संयम का पालन करते हुए ईश्वर की निष्काम भक्ति में समय लगाना चाहिए।

मुनि श्री ने कहा कि हमारा मन ही हमारा शत्रु और हमारा मित्र है। मन में हमेशा अच्छे विचारों की खेती करने से संसार में चारों ओर अच्छी सुगंध और महक का वातावरण निर्मित होगा। काम, क्रोध, लोभ और मोह जैसे मन के शत्रुओं को मारना ही पर्यूषण पर्व की वास्तविक आराधना है।

उन्होंने कहा कि जीवन में सदैव धर्म और ज्ञान के दीपक को जलाकर अंधकार रूपी अहंकार को जलाकर नष्ट करने में ही मानव मात्र का कल्याण संभव है। मुनि श्री ने उपस्थित युवा श्रावकों को समाज में व्याप्त नशे की प्रवृत्ति से दूर रहकर मानव जीवन को संवारने का संकल्प दोहराया।

अध्यक्ष महावीर कुमार मेहता एवं मंत्री सुरेश सहलोत ने पर्यूषण पर्व के चलते धर्म आराधना संबंधी आगामी योजना की जानकारी दी। प्रवचन श्रृंखला में सनातन श्रावकों की निरंतर बढ़ती संख्या पर समता युवा संघ के अध्यक्ष मनोज सहलोत एवं मंत्री प्रदीप जैन ने प्रसन्नता व्यक्त की। निकुंभ के समता भवन में जारी यह प्रवचन श्रृंखला धर्म, आत्मशुद्धि, तप, संयम और सद्विचारों के संदेश के साथ आगे बढ़ रही है।

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Pratahkal Bureau

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