लंबे ब्रेक के बाद मानसूनी बारिश से मुरझाती फसलों को मिला जीवनदान, किसानों के चेहरे खिले
बड़ीसादड़ी क्षेत्र में लंबे ब्रेक के बाद हुई मानसूनी बारिश से मुरझाती खरीफ़ फसलों को संजीवनी मिली। किसानों ने राहत की सांस ली और बेहतर उत्पादन की उम्मीद जताई।

तस्वीर में बड़ीसादड़ी क्षेत्र के एक खेत में मानसूनी बारिश के बाद हरी-भरी दिख रही खरीफ की फसल।
बारिश के लंबे अंतराल के बाद बड़ीसादड़ी क्षेत्र में हुई मानसूनी बारिश ने मुरझाती खरीफ़ फसलों को नई संजीवनी दे दी है। मानसून के सक्रिय होने से क्षेत्र में अच्छी बारिश हुई, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। गांवों और खेतों में मौसम भी सुहावना हो गया है।
भादसोड़ा खेड़ा निवासी काश्तकार मोहन लाल सुथार ने बताया कि मानसून की बेरुखी के कारण फसलें मुरझाने लगी थीं। ऐसे समय में हुई इस बारिश ने फसलों को नया जीवनदान दिया है। उन्होंने कहा कि इस बारिश से किसानों के चेहरों पर फिर से खुशी लौट आई है।
वहीं राधे सुथार ने कहा कि खरीफ़ फसल के बेहतर वृद्धि, विकास और उत्पादन के लिए समय-समय पर अच्छी बारिश होना आवश्यक है। उनका कहना है कि मानसून के सक्रिय होने से हुई यह बारिश खेती के लिए राहत लेकर आई है।
लंबे ब्रेक के बाद हुई मानसूनी बारिश ने क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत दी है। मुरझाती फसलों को नया जीवन मिलने के साथ खेतों में फिर से उम्मीद जगी है और किसानों में बेहतर उत्पादन की उम्मीद बढ़ी है।

Pratahkal Bureau
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