बड़ी सादड़ी कृषि मंडी में मक्का की बंपर आवक से विवाद, गेट पर किसानों ने लगाया जाम
बड़ी सादड़ी कृषि उपज मंडी में मक्का की बंपर आवक और जगह की कमी के बीच शुक्रवार सुबह किसानों ने गेट बंद मिलने पर ट्रैक्टरों से जाम लगा दिया। व्यापारियों को खुले में मक्का सुखाने और बारिश से माल बचाने में परेशानी हो रही है।

बड़ी सादड़ी कृषि उपज मंडी में जगह की कमी और गेट बंद मिलने से नाराज किसान प्रदर्शन करते हुए।
बड़ी सादड़ी कृषि उपज मंडी में मक्का की बंपर आवक और पर्याप्त जगह की कमी के चलते शुक्रवार सुबह किसानों और व्यापारियों के बीच फसल की खरीद को लेकर तनातनी हो गई। मंडी पहुंचने पर गेट पर ताला लगा मिलने से नाराज किसानों ने बाहर ट्रैक्टर खड़े कर जाम लगा दिया। बाद में मंडी का गेट खोला गया। दूसरी ओर, खरीदी गई मक्का को सुरक्षित रखने और सुखाने की व्यवस्था को लेकर व्यापारियों में अफरा-तफरी मची रही।
बड़ी सादड़ी (प्रातःकाल संवाददाता)। शुक्रवार सुबह किसान ट्रैक्टरों में अपनी फसल भरकर बड़ी सादड़ी कृषि उपज मंडी पहुंचे, लेकिन वहां गेट पर ताला लगा मिला। इससे किसानों में नाराजगी फैल गई और उन्होंने मंडी के बाहर ट्रैक्टर खड़े कर जाम लगा दिया। बाद में मंडी का गेट खोला गया।
व्यापारियों ने किसानों को मंडी में माल नहीं लाने की सूचना दी थी, लेकिन जानकारी नहीं मिलने के कारण किसान सुबह अपनी फसल लेकर पहुंच गए। इन दिनों बड़ी सादड़ी कृषि उपज मंडी में मक्का की बंपर आवक हो रही है। मक्का की अत्यधिक आवक और मंडी में जगह की कमी को देखते हुए मंडी प्रशासन की ओर से मक्का की नीलामी नहीं होने की सूचना पहले ही समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित की गई थी।
मंडी परिसर में पर्याप्त जगह नहीं होने से किसानों और व्यापारियों के सामने फसल की खरीद और भंडारण को लेकर परेशानी खड़ी हो गई है। एक ओर किसान अपनी उपज लेकर मंडी पहुंच रहे हैं, वहीं दूसरी ओर खरीदी गई मक्का को सुरक्षित रखने के लिए व्यापारियों को जगह की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
मंडी में जगह की कमी के चलते व्यापारियों को खरीदी गई मक्का सड़क पर फैलाकर सुखानी पड़ रही है। एक दिन में बड़ी मात्रा में मक्का की तुलाई करने और उसका व्यवस्थित भंडारण करने की व्यवस्था नहीं होने के कारण माल खुले में पड़ा रहता है। व्यापारियों का कहना है कि मंडी में उनके मक्का के ढेर केवल डोम में रखे हुए हैं। ऐसे में खरीदी गई मक्का को सुरक्षित रखने और सुखाने में भी परेशानी हो रही है।
बारिश शुरू होते ही व्यापारियों को खुले में रखे माल को बचाने के लिए तिरपाल आदि का सहारा लेना पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि नुकसान की समस्या को केवल किसानों से जोड़कर देखना उचित नहीं है, क्योंकि खरीदी गई मक्का को सुखाने और सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी उनके सामने चुनौती बनी हुई है।
मक्का की अत्यधिक आवक, मंडी परिसर में जगह की कमी और नीलामी नहीं होने की पूर्व सूचना के बावजूद किसानों के मंडी पहुंचने से शुक्रवार सुबह विवाद की स्थिति बनी। मंडी गेट बंद मिलने पर किसानों की नाराजगी और ट्रैक्टरों से लगे जाम ने फसल की आवक, खरीद और भंडारण से जुड़ी समस्याओं को सामने ला दिया।

Pradeep Vaishnav, Chittorgarh
नाम: प्रदीप वैष्णव
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: बड़ी सादड़ी तहसील
अनुभव: 26 साल (सन 2000 से 'प्रातःकाल' के साथ कार्यरत)
परिचय
प्रदीप वैष्णव बड़ी सादड़ी तहसील क्षेत्र के एक अनुभवी पत्रकार हैं। वह स्थानीय समाचारों, सामाजिक गतिविधियों, शिक्षा और क्राइम रिपोर्टिंग के क्षेत्रों में मुख्य रूप से सक्रिय हैं। वह सामाजिक, शैक्षणिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़े विषयों में विशेष रुचि रखते हैं। तथ्यात्मक और सरल रिपोर्टिंग को प्राथमिकता देना तथा जनहित से संबंधित विषयों को निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत करना उनकी कार्यशैली का हिस्सा है।
बीट और विशेषज्ञता
- स्थानीय समाचार: बड़ी सादड़ी तहसील और आसपास के क्षेत्रों से जुड़े स्थानीय व सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग।
- क्राइम: क्षेत्र की कानून-व्यवस्था, पुलिस कार्रवाई और अपराध से जुड़े मामलों की कवरेज।
- शिक्षा: शैक्षणिक गतिविधियां, विद्यार्थियों से जुड़े विषय और शिक्षा संबंधी समाचार।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
B.A. जर्नलिज्म (पत्रकारिता में स्नातक)
