बड़ी सादड़ी के भादसोड़ा कस्बे के सुथारिया खेड़ा (भादसोड़ा खेड़ा) में किसान मोहन लाल सुथार ने आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर खेती में नवाचार की मिसाल पेश की है। भादसोड़ा निवासी किसान मोहनलाल सुथार एवं राधे सुथार ने अपनी कृषि भूमि पर गेंदा (मेरीगोल्ड) की व्यावसायिक खेती शुरू करते हुए ड्रिप सिंचाई प्रणाली और प्लास्टिक मल्चिंग तकनीक का उपयोग किया है।

किसानों ने परंपरागत खेती से अलग हटकर आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाया है। ड्रिप सिंचाई प्रणाली के माध्यम से फसल को आवश्यकता के अनुसार पानी और घुलनशील उर्वरक उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे पानी की बचत होने के साथ पौधों का विकास भी बेहतर हो रहा है।

युवा किसान राधे सुथार ने बताया कि प्लास्टिक मल्चिंग के उपयोग से खेत में खरपतवार की समस्या कम हुई है। इसके साथ ही मिट्टी में लंबे समय तक नमी बनी रहती है, जिससे फसल की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिल रहा है।

राधे सुथार ने कहा कि वर्तमान समय में परंपरागत कृषि के साथ आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाना समय की मांग है। भादसोड़ा क्षेत्र में गेंदे की व्यावसायिक खेती के लिए ड्रिप सिंचाई और प्लास्टिक मल्चिंग का प्रयोग किसानों के लिए एक नई दिशा के रूप में देखा जा रहा है।

Pratahkal Bureau

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