बड़ी सादड़ी। चित्तौड़गढ़।

पुण्य समाप्त हो जाए तो स्वर्गलोक से भी मृत्युलोक में आना पड़ता है, इसलिए मनुष्य को अपने पुण्य कभी कम नहीं होने देने चाहिए। भगवत नाम ही जीवन का सार है और भजन भवसागर की नैया को पार करने की चाबी है। मनुष्य को मिलने वाला सुख उसके कर्मों का फल है, इसलिए सद्कर्म करते रहना चाहिए। यह बात रामद्वारा में चातुर्मासिक सत्संग के तहत आयोजित शिव पुराण कथा वाचन में संत दिग्विजयराम महाराज ने कही।

संत दिग्विजयराम महाराज ने कहा कि जीव के जाने के बाद लोग उसकी भलाई और बुराई को याद करते हैं। पुण्य और पाप ही मनुष्य के साथ जाते हैं। शिव पुराण और भागवत कथा के श्रवण से जीव जन्म-मरण के बंधन से मुक्त हो जाता है। भगवत नाम की कृपा अद्भुत है। अनजाने में लिया गया प्रभु का नाम भी मुक्ति प्रदान कर सकता है तो जानकर किए गए भजन और प्रभु स्मरण से निश्चित रूप से मुक्ति मिलती है।



उन्होंने राम नाम की महिमा बताते हुए जटायु का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि सीता हरण के दौरान जटायु ने संघर्ष किया और अंतिम समय में भी प्रभु श्रीराम की गोद में प्राणों का त्याग किया। संत ने कहा कि भगवत आश्रय के बिना जन्म-मरण से मुक्ति संभव नहीं है। पापों का पर्वत भी हरिनाम की चिंगारी से नष्ट हो जाता है। राम भजन भव लोक की औषधि है।

संत दिग्विजयराम महाराज ने कहा कि स्थूल शरीर पंच तत्वों में विलीन होने के बाद सूक्ष्म शरीर ही अपने कर्मों के अनुसार स्वर्ग-नरक को भोगता है। कारण शरीर समाधि अवस्था है, जो आत्मानुभव की अनुभूति करवाता है। परमात्मा का शरीर प्रकाश पुंज से निर्मित होता है। आठ बंधनों से मुक्त जीव पर जब शिव कृपा होती है तो सब कुछ उसके वश में हो जाता है।

उन्होंने कहा कि अच्छे कर्मों का फल सदैव अच्छा मिलता है और बुरे कर्मों का फल बुरा। इसलिए जीव को अच्छे कर्म करते रहना चाहिए। कथा में संत ने भगवत नाम, भजन और सद्कर्म को जीवन का आधार बताते हुए जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति के लिए भगवत आश्रय को आवश्यक बताया।

Pradeep Vaishnav, Chittorgarh

Pradeep Vaishnav, Chittorgarh

नाम: प्रदीप वैष्णव

वर्तमान पद: रिपोर्टर

कार्यक्षेत्र: बड़ी सादड़ी तहसील

अनुभव: 26 साल (सन 2000 से 'प्रातःकाल' के साथ कार्यरत)

परिचय 

प्रदीप वैष्णव बड़ी सादड़ी तहसील क्षेत्र के एक अनुभवी पत्रकार हैं। वह स्थानीय समाचारों, सामाजिक गतिविधियों, शिक्षा और क्राइम रिपोर्टिंग के क्षेत्रों में मुख्य रूप से सक्रिय हैं। वह सामाजिक, शैक्षणिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़े विषयों में विशेष रुचि रखते हैं। तथ्यात्मक और सरल रिपोर्टिंग को प्राथमिकता देना तथा जनहित से संबंधित विषयों को निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत करना उनकी कार्यशैली का हिस्सा है।

बीट और विशेषज्ञता 

  • स्थानीय समाचार: बड़ी सादड़ी तहसील और आसपास के क्षेत्रों से जुड़े स्थानीय व सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग।
  • क्राइम: क्षेत्र की कानून-व्यवस्था, पुलिस कार्रवाई और अपराध से जुड़े मामलों की कवरेज।
  • शिक्षा: शैक्षणिक गतिविधियां, विद्यार्थियों से जुड़े विषय और शिक्षा संबंधी समाचार।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

B.A. जर्नलिज्म (पत्रकारिता में स्नातक)

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