बड़ी सादड़ी स्थित निरंकारी सत्संग स्थल पर जनरल साप्ताहिक सत्संग का आयोजन किया गया, जिसमें संतोष बहन ने सत्संग सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मन को स्थिरता का वास्तविक रंग परमात्मा से प्राप्त होता है।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मीरां बाई जी को गुरु रविदास जी से यह अनुभूति प्राप्त हुई, उसी भाव से उन्होंने कहा था, “पायोजी मैंने राम रतन धन पायो, वस्तु अनमोलक दी मेरे सतगुरु, मैंने कर कृपा अपनायो, पायोजी मैंने राम रतन धन पायो.....।”

संतोष बहन ने कहा कि संसार में अनेक प्रकार के रंग हैं, लेकिन प्रश्न यह है कि मन किसे ग्रहण करता है। उन्होंने कहा कि मन पल-पल बदलने वाले कच्चे रंगों को अपनाता है या फिर स्थायी, कायम, दायम और अटल निराकार परमात्मा के पक्के रंग को स्वीकार करता है। उनका कहना था कि बदलती हुई चीजों का सहारा लेने से मन की शांति डगमगा जाती है, जबकि यदि जीवन का आधार गहरी जड़ें जमाए निराकार परमात्मा को बनाया जाए तो परिस्थितियां कैसी भी हों, मन उसी के साथ स्थिर और सुरक्षित बना रहता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ब्रह्म ज्ञान के माध्यम से हर मानव मात्र को इस रमे हुए राम का अनुभव करवा रहे हैं।

राधेश्याम रेगर ने जानकारी देते हुए बताया कि 23 जुलाई 2026, गुरुवार को रेगर कॉलोनी स्थित रेगर समाज के पंचायती नोहरा में शाम 4:00 बजे से 7:00 बजे तक उदयपुर की ज्ञान प्रचारक बहन रेणुका जी की उपस्थिति में विशाल निरंकारी सत्संग का आयोजन किया जाएगा।

कार्यक्रम का संचालन शीला बहन ने किया। आगामी विशाल निरंकारी सत्संग की घोषणा के साथ सभा का समापन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं को निर्धारित समय पर अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की जानकारी दी गई।

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