आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना: बूल का खेड़ा में औषधीय पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित
चित्तौड़गढ़ के बूल का खेड़ा में आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना के तहत राजकीय आयुर्वेद औषधालय परिसर में ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने औषधीय पौधे लगाए।

कांकरवा, 18 मार्च। आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत चयनित ग्राम पंचायत बूल का खेड़ा में विकास और जन-स्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वृहद् पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राजकीय आयुर्वेद औषधालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने सामूहिक सहभागिता निभाते हुए विभिन्न प्रजातियों के औषधीय पौधे रोपित किए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्राम स्तर पर पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देना और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आरोग्य की भावना को सुदृढ़ करना है।
इस गरिमामयी अवसर पर आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. शुभम, कंपाउंडर राहुल बैरागी और परिचारक नानी बाई की उपस्थिति में पौधारोपण की प्रक्रिया संपन्न हुई, जिसमें स्थानीय ग्रामीणों और स्कूली छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक अपना योगदान दिया। उल्लेखनीय है कि आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु चित्तौड़गढ़ जिले में कुल पांच गांवों का चयन किया गया है, जिनमें भूपालसागर की ग्राम पंचायत बूल का खेड़ा को भी शामिल किया गया है।
योजना के सफल संचालन और धरातल पर क्रियान्वयन में आयुर्वेद विभाग चित्तौड़गढ़ के उपनिदेशक डॉ. तरुण कुमार प्रमाणिक एवं योजना सहायक नोडल अधिकारी डॉ. विनोद गंधर्व का विशेष मार्गदर्शन और महत्वपूर्ण योगदान रहा है। राजकीय औषधालय में लगाए गए ये औषधीय पौधे न केवल औषधीय आत्मनिर्भरता को बल देंगे, बल्कि आगामी समय में ग्रामीणों को प्राकृतिक उपचार की सुविधा सुलभ कराने में मील का पत्थर साबित होंगे।

Shivpal singh Panwar, Chittorgarh
नाम: शिव पाल सिंह पंवार
वर्तमान पद: संवाददाता (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: गाँव: कांकरवा, तहसील: भोपालसागर, जिला: चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)
अनुभव: 10 साल
बीट और मुख्य विषय (Beats & Coverage)
- राजनीति: स्थानीय निकाय, पंचायत और क्षेत्र के राजनीतिक घटनाक्रम व जनप्रतिनिधियों के कार्यक्रमों की कवरेज।
- प्रशासन: सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक निर्णय, जनसुनवाई और विकास कार्यों की रिपोर्टिंग।
- शिक्षा व सामाजिक मुद्दे: स्थानीय विद्यालयों की स्थिति, शिक्षा योजनाएं और ग्रामीण क्षेत्रों के सामाजिक सरोकार से जुड़े विषय।
- स्वास्थ्य: चिकित्सा सेवाएं, सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं और जनस्वास्थ्य से जुड़े समाचार।
- जन समस्या: ग्रामीण अंचल की बुनियादी समस्याएं और आम जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा 11वीं तक पूरी की है।
