बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता शिविर और मशाल रैली का आयोजन
चित्तौड़गढ़ में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार रा.उ.प्रा.वि. मीणों का कंथारिया जालमपुरा में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता शिविर और मशाल रैली आयोजित की गई। अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्रों की भागीदारी वाले इस कार्यक्रम में बाल विवाह के दुष्परिणाम और कानूनी प्रावधानों पर व्यापक जानकारी दी गई।

चित्तौड़गढ़। बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से मिटाने की दिशा में चित्तौड़गढ़ में शुक्रवार को एक प्रभावी और प्रेरक कदम उठाया गया, जब राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार रा.उ.प्रा.वि. मीणों का कंथारिया जालमपुरा में जागरूकता शिविर एवं मशाल रैली का आयोजन किया गया। गायत्री सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल ग्रामीणों को जागरूक किया, बल्कि बाल विवाह मुक्त भारत की संकल्पना को और अधिक सशक्त स्वर दिया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुनील कुमार गोयल ने उद्बोधन में बाल विवाह की गंभीरता, उसके सामाजिक और मानसिक दुष्परिणाम तथा बाल विवाह अधिनियम, 2006 के प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल विवाह करने या उसमें सम्मिलित होने वाले सभी व्यक्तियों को कानून के तहत सख्त दंड का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए समाज को इस कुप्रथा के विरुद्ध एकजुट होना आवश्यक है।
पैनल अधिवक्ता भारती गहलोत ने भी उपस्थित बच्चों, महिलाओं और ग्रामीणों को संबोधित करते हुए बाल विवाह को समाप्त करने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी का आह्वान किया। सहायक उपनिदेशक ओमप्रकाश तोषनीवाल ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की विभिन्न गतिविधियों, सरकारी प्रयासों तथा जिले में प्राप्त शिकायतों पर किए गए विभागीय कार्यों की जानकारी देकर लोगों को सजग रहने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में लेहरु लाल गाडरी, गंगाराम और रामलाल जाट ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र और ग्राम पंचायत को बाल विवाह मुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। स्थानीय विद्यालय के छात्रों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ने बाल विवाह के दुष्परिणाम को प्रभावी ढंग से दर्शाया, जबकि सामूहिक नृत्य, निबंध लेखन और कविता पाठ ने कार्यक्रम को और अधिक सार्थक बनाया।
अंत में सुशील तिवारी एवं अन्य प्रतिभागियों के नेतृत्व में मशाल रैली निकाली गई, जिसने पूरे क्षेत्र में जागरूकता का संदेश फैलाया। कार्यक्रम के समापन पर छात्रों को उपहार देकर उनकी हौसला-अफजाई की गई। आयोजन में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका पुष्पा, समस्त शिक्षकगण, संस्थान के जिला समन्वयक अमित राव और पूरी टीम की सक्रिय उपस्थिति रही, जिसने इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया।
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Piyush Mundara, Chittorgarh
नाम: पियूष मूंदड़ा
वर्तमान पद: संवाददाता
कार्यक्षेत्र: चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)
अनुभव: साल 2013 से
विशेष रुचि: अपराध (क्राइम) और वन्य जीव (Wildlife) रिपोर्टिंग
बीट और कवरेज
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शैक्षणिक योग्यता
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
