आसावरा माता मंदिर में हरियाली अमावस्या पर उमड़ा आस्था का सैलाब, 3 हजार श्रद्धालुओं को मालपुए का प्रसाद
बड़ी सादड़ी के आसावरा माता मंदिर में हरियाली अमावस्या पर 3 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को मालपुए का प्रसाद बांटा गया, भजन-कीर्तन गूंजे।

तस्वीर में बांसी-बोहेड़ा रेलवे स्टेशन के निकट स्थित आसावरा माता मंदिर परिसर में हरियाली अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं को मालपुए का प्रसाद वितरित करते हुए सेवाभावी कार्यकर्ता नजर आ रहे हैं।
बड़ी सादड़ी। हरियाली अमावस्या के अवसर पर बांसी-बोहेड़ा रेलवे स्टेशन के निकट स्थित आसावरा माता मंदिर में बुधवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। आसपास के सैकड़ों गांवों सहित दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दरबार में पहुंचे। मंदिर परिसर में दिनभर भजन-कीर्तन और सत्संग का दौर चलता रहा। भक्तों की टोलियों ने भजनों की प्रस्तुतियां दीं, जिन पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए।
हरियाली से आच्छादित मंदिर परिसर श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। परिसर में उच्च गुणवत्ता की इंटरलॉक टाइल्स, बगीचे में टाइल्सयुक्त पाथवे, पानी के फव्वारे, विभिन्न प्रजातियों के पुष्पित पौधे, यज्ञशाला तथा स्वतंत्र विचरण करती बत्तखें, सफेद कबूतर और खरगोश श्रद्धालुओं को आकर्षित करते रहे। मनोरंजन एवं स्वास्थ्य के लिए लगाए गए झूले और कसरत के उपकरण भी बच्चों व युवाओं के आकर्षण का केंद्र रहे।
मंदिर मंडल अध्यक्ष चमन सिंह सारंगदेवोत ने बताया कि दानदाताओं के सहयोग से श्रद्धालुओं के लिए बड़ी मात्रा में मालपुए के प्रसाद की व्यवस्था की गई। सुबह करीब 10 बजे से प्रसाद वितरण शुरू हुआ, जो दिनभर चलता रहा। तीन हजार से अधिक श्रद्धालुओं को मालपुए का प्रसाद वितरित किया गया।
व्यवस्थापक ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रसाद वितरण सहित अन्य व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित की गईं। राजू ओझा ने बताया कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो, इसके लिए ट्रस्ट की ओर से हर स्तर पर व्यवस्थाएं की गईं।
ट्रस्ट के शंकरलाल पोरवाल ने बताया कि मंदिर परिसर में वर्षभर पक्षियों के लिए अनाज डाला जाता है। दानदाताओं के सहयोग से सालभर में सौ क्विंटल से अधिक अनाज कबूतरों सहित अन्य पक्षियों को डाला जाता है। सुबह की पहली किरण के साथ ही बड़ी संख्या में पक्षी यहां दाना चुगने पहुंचते हैं।
गोविंद सिंह चौहान एवं सुरेश कुमार सुथार ने बताया कि मंदिर में आने वाले बीमार श्रद्धालुओं और उनके परिजनों के लिए दानदाताओं के सहयोग से प्रतिदिन नि:शुल्क भोजन की व्यवस्था भी की जा रही है।
अध्यक्ष चमन सिंह सारंगदेवोत ने बताया कि दानदाताओं के सहयोग से मंदिर परिसर को लगातार विकसित एवं सुविधायुक्त बनाया जा रहा है। हाल ही में भक्तों के सहयोग से 16 लाख रुपए से अधिक लागत से प्रवेश द्वार का निर्माण कराया गया है। परिसर में पूर्व में भी एक भव्य प्रवेश द्वार एवं तोरण द्वार निर्मित है।
वर्तमान में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बांसी निवासी भक्त गोपाल बसेर एवं रोशन लाल मालू के सहयोग से करीब 25 लाख रुपए की लागत के निर्माण कार्य प्रगति पर हैं।
मंदिर में आने वाले लकवा ग्रस्त रोगियों के स्वस्थ होने की मान्यता के चलते यह स्थान आसपास के सैकड़ों गांवों के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। हरियाली अमावस्या पर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण एवं अन्य सेवा कार्यों में मांगीलाल व्यास, गणेश लाल व्यास, देवकिशन व्यास, अजयपाल सिंह झाला, रतन लाल मेनारिया, शंकरलाल पोरवाल, सुरेश चंद्र सुथार, जगदीश चंद्र सुथार, गोविंद सिंह चौहान, भूरालाल शर्मा, हेमंत शर्मा, दिनेश वैष्णव, भगवतीलाल डांगी व प्रिंस सुथार सहित कई सेवाभावी कार्यकर्ता जुटे रहे।
हरियाली अमावस्या पर आसावरा माता मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, प्रसाद वितरण और सेवा कार्यों के साथ मंदिर परिसर में दिनभर धार्मिक माहौल बना रहा।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
