भूपालसागर, चित्तौड़गढ़। प्रातःकाल संवाददाता अरविंद गर्ग। कपासन विधायक और विधानसभा सभापति अर्जुन लाल जीनगर ने एक बार फिर जनहित के मुद्दों के प्रति अपनी संवेदनशीलता और जुझारू छवि का परिचय दिया है। राजस्थान विधानसभा के वर्तमान सत्र में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव (संख्या 295) के माध्यम से विधायक जीनगर ने प्रदेश के हजारों संविदा एवं अस्थायी कर्मचारियों, विशेषकर पंचायत शिक्षकों और विद्यालय सहायकों के भविष्य को लेकर पुरजोर तरीके से मांग उठाई।

आर्थिक शोषण के खिलाफ मुखर हुए विधायक

विधायक जीनगर ने सदन में तर्क दिया कि राज्य के विभिन्न विभागों में हजारों कर्मचारी वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से उन 23,749 कार्मिकों का मुद्दा उठाया जिन्हें 2022 में संविदा नियमों के तहत नियुक्तियां तो दी गईं, लेकिन आज भी वे "अल्प मानदेय" के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। विधायक ने इसे आर्थिक शोषण की गंभीरता से लेते हुए सरकार से मांग की कि इन सभी कर्मचारियों को अविलंब स्थायी (नियमित) किया जाए, स्थायी होने तक इन्हें स्पेशल पे-ग्रेड देकर राहत प्रदान की जाए और इनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित हो।

कार्मिकों के योगदान पर सकारात्मक निर्णय की अपील

जीनगर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि "राज्य के विकास में इन कार्मिकों का महत्वपूर्ण योगदान है, अतः सरकार को इनके हितों की रक्षा के लिए सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।" उनके इस कड़े रुख और प्रभावी पैरवी ने सदन का ध्यान इस ज्वलंत मुद्दे की ओर मजबूती से आकर्षित किया है।

भूपालसागर ब्लॉक पदाधिकारियों ने जताया आभार

विधायक द्वारा विधानसभा में प्रमुखता से आवाज उठाने पर राजस्थान संविदा कर्मी पंचायत शिक्षक विद्यालय सहायक संघ में हर्ष की लहर है। भूपालसागर क्षेत्र के संगठन पदाधिकारियों ने विधायक जीनगर की कार्यशैली की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। संघ के जिला महामंत्री गोपाल प्रजापत, भूपालसागर ब्लॉक अध्यक्ष किशन सिंह चुंडावत, और जिला उपाध्यक्ष मधुसूदन भट्ट सहित अन्य साथियों ने पूर्व में विधायक महोदय से मिलकर नियमितीकरण की मांग की थी।

आशा की किरण बने विधायक जीनगर

पदाधिकारियों ने कहा कि "विधायक जीनगर ने हमारी पीड़ा को अपनी पीड़ा समझा और तुरंत सदन के माध्यम से मुख्यमंत्री तक हमारी वाजिब मांग पहुंचाई। हम उनके इस जनहितकारी कदम का हृदय से अभिनंदन करते हैं।" क्षेत्र के संविदा कर्मी अब विधायक जीनगर को अपनी 'आशा की किरण' के रूप में देख रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि उनके प्रभावी हस्तक्षेप के बाद राज्य सरकार जल्द ही संविदा सेवा नियम 2022 के तहत नियमितीकरण का उपहार देगी।

Pratahkal Bureau

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