चित्तौड़गढ़ की अंशिका धाकड़ बनीं राजस्थान की ‘गोल्डन गर्ल’, लगातार तीसरे साल सभी स्पर्धाओं में जीते स्वर्ण पदक
चित्तौड़गढ़ के जयसिंहपुरा की अंशिका धाकड़ ने राज्य स्तरीय तैराकी प्रतियोगिता में लगातार तीसरे वर्ष सभी स्पर्धाओं में स्वर्ण जीतकर रचा नया कीर्तिमान।

तस्वीर में मंच पर बाईं से दाईं ओर पांच पुरुष खड़े हैं, जिनमें से एक युवा खिलाड़ी अंशिका धाकड़ के गले में कई पदक लटके हैं और वह हाथ में ट्रॉफी पकड़े मुस्कुरा रही हैं।
चित्तौड़गढ़ जिले के बड़ीसादड़ी उपखंड के जयसिंहपुरा निवासी अंशिका धाकड़ ने उदयपुर के खेल गांव स्थित तरणताल में आयोजित सब-जूनियर ग्रुप–3 राज्य स्तरीय तैराकी प्रतियोगिता में एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए सभी स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीत लिए। लगातार तीसरे वर्ष इस उपलब्धि को दोहराते हुए अंशिका ने राजस्थान में अपनी मजबूत पहचान बनाई और “गोल्डन गर्ल” के रूप में अपनी प्रतिष्ठा और सुदृढ़ कर ली।
बड़ीसादड़ी उपखंड के सीतामाता अभयारण्य की वादियों के बीच बसे छोटे से गांव जयसिंहपुरा की प्रतिभाशाली तैराक अंशिका धाकड़ सीमित संसाधनों के बावजूद निरंतर कठिन परिश्रम और अनुशासन के बल पर नई ऊंचाइयों तक पहुंच रही हैं। उनकी इस उपलब्धि ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभा को प्रदेश स्तर पर गौरव दिलाया है।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अंशिका धाकड़ ने 100 मीटर फ्रीस्टाइल, 200 मीटर फ्रीस्टाइल, 400 मीटर फ्रीस्टाइल, 100 मीटर बटरफ्लाई तथा 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक अपने नाम किए। कई स्पर्धाओं में उत्कृष्ट समय के साथ उनके प्रदर्शन ने राज्य स्तर पर उनकी श्रेष्ठता को फिर सिद्ध किया।
टीम मैनेजर महेंद्र सिंह सिसोदिया एवं गिरिजा कंवर ने बताया कि अंशिका की तैयारी, तकनीक और निरंतर सुधार की क्षमता उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाती है। वहीं पूर्व टीम मैनेजर रघुनाथ एवं मंजू धाकड़ ने भी उनके समर्पण और लगातार किए जा रहे परिश्रम की सराहना की।
जिला तैराकी संघ के सचिव सुरेंद्र यादव एवं अध्यक्ष डी.पी. सिंह ने इस उपलब्धि को जिले के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर इस स्तर की सफलता यह दर्शाती है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती।
राजस्थान शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष एवं तैराकी जिला संघ के उपाध्यक्ष चंद्रकांत शर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि यदि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
जिला तैराकी संघ के पदाधिकारी मनोज सोनी, विद्याधर दशोरा, विजय नीमा, पी.एस. चौहान, दीपक मेंगी, शकील अहमद, अनिल मेहता, कुलदीप भाटी, ओमप्रकाश राठौड़, अरुण सक्सेना, दलपत सिंह चुंडावत, शैतान सिंह शक्तावत, निर्देश दागड़ा, जोगेंद्र सिंह राणावत एवं महिपाल सिंह चुंडावत सहित अनेक खेलप्रेमियों ने अंशिका धाकड़ को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
जयसिंहपुरा गांव में इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद उत्सव जैसा माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अंशिका ने अपने परिश्रम से यह सिद्ध कर दिया है कि छोटे गांवों की बेटियां भी बड़े सपने साकार कर सकती हैं। लगातार तीसरे वर्ष राज्य स्तरीय तैराकी प्रतियोगिता में सभी स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर अंशिका धाकड़ ने न केवल अपने गांव और जिले, बल्कि पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।

Pratahkal Bureau
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