सेवा और समर्पण की मिसाल: चित्तौड़गढ़ में प्रबुद्ध नागरिक सेवा संस्थान ने मनाया 16वां स्थापना दिवस, मरीजों और गौवंश की सेवा कर पेश की मानवता की नजीर
चित्तौड़गढ़ में प्रबुद्ध नागरिक सेवा संस्थान ने अपना 16वां स्थापना दिवस सेवा कार्यों के साथ मनाया। जिला चिकित्सालय में मरीजों को भोजन वितरण से लेकर गौशाला में चारा खिलाने और चिकित्सा उपकरणों के दान तक, संस्थान ने मानवता की अनूठी मिसाल पेश की। विमल चन्द्र जैन सहित कई गणमान्य लोगों ने चिकित्सा सामग्री दान कर नर सेवा का संकल्प दोहराया।

चित्तौड़गढ़। नर सेवा ही नारायण सेवा है, इस ध्येय वाक्य को चरितार्थ करते हुए प्रबुद्ध नागरिक सेवा संस्थान ने अपना 16वां स्थापना दिवस अत्यंत गरिमापूर्ण और सेवाभावी संकल्पों के साथ मनाया। स्थापना दिवस के इस पावन अवसर पर संस्थान के सदस्यों ने केवल उत्सव ही नहीं मनाया, बल्कि समाज के वंचित और पीड़ित वर्ग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए चिकित्सालय से लेकर गौशाला तक सेवा की अविरल धारा बहा दी। इस भव्य आयोजन ने शहरवासियों के सम्मुख परोपकार की एक नई गाथा लिख दी है।
दिवस का शुभारंभ स्वामी विवेकानंद राजकीय जिला चिकित्सालय में भर्ती मरीजों की सेवा के साथ हुआ। यहाँ संस्थान की ओर से मरीजों को पौष्टिक भोजन और बिस्कुट के पैकेट वितरित किए गए, जिससे बीमारों के चेहरों पर सुकून की मुस्कान तैर गई। इसके पश्चात, सेवा का यह कारवां जैन दिवाकर कमल गौशाला पहुँचा, जहाँ सभी सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति में बेजुबान गौवंश को हरा चारा खिलाकर पुण्य अर्जित किया गया। सेवा के इन कार्यों ने स्थापना दिवस की सार्थकता को जमीन पर उतार दिया।
औपचारिक कार्यक्रम का दूसरा चरण संस्थान के कार्यालय पर आयोजित हुआ, जहाँ स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों पर केंद्रित 'विचार अभिव्यक्ति' कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आगाज स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस समारोह की अध्यक्षता श्री प्रकाश चन्द्र जी चेलावत ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में सुरेन्द्र कुमार जैन और श्रीमती रेखा रानी तिवारी उपस्थित रहीं। अतिथियों ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन को आधुनिक युग में प्रासंगिक बताते हुए संस्थान के सेवा कार्यों की मुक्त कंठ से सराहना की।
समारोह के दौरान संस्थान के कुनबे में विस्तार करते हुए नए सदस्यों का उपरना पहनाकर स्वागत किया गया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। इसी कड़ी में, सेवा की एक अनुकरणीय मिसाल पेश करते हुए भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के सेवानिवृत्त विकास अधिकारी श्रीमान विमल चन्द्र जैन ने जरूरतमंद मरीजों की सहायता हेतु मेडिकल पलंग, मेडिकल गद्दे और पांच वाकर संस्थान को दान स्वरूप उपलब्ध करवाए। संस्थान ने विमल चन्द्र जैन की इस अनुकरणीय उदारता के लिए उन्हें शॉल, उपरना और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। सेवा का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा; प्रकाश चन्द्र चेलावत और गोपाल कृष्ण गर्ग ने भी संस्थान को दो व्हीलचेयर भेंट करने की घोषणा की, जिसका उपस्थित जनसमूह ने करतल ध्वनि से स्वागत किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन दिलीप पामेचा ने अपनी ओजस्वी शैली में किया, जबकि अंत में के.डी. माथुर ने सभी आगंतुकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के समापन पर सभी के लिए स्नेह भोज का आयोजन किया गया। प्रबुद्ध नागरिक सेवा संस्थान का यह 16वां स्थापना दिवस केवल एक वर्षगांठ बनकर नहीं रहा, बल्कि यह चित्तौड़गढ़ के सामाजिक सरोकारों के इतिहास में सेवा और समर्पण का एक स्वर्णिम अध्याय बनकर दर्ज हो गया।

Pratahkal Bureau
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