चित्तौड़गढ़: ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ के आह्वान पर रेलवे के लोको पायलट और सहायक लोको पायलटों ने 2 दिसम्बर से राष्ट्रीय स्तर पर 48 घंटे की भूख हड़ताल शुरू की। यह हड़ताल 4 दिसम्बर तक चलेगी, जिसमें कर्मचारी अपने जिले के मुख्यालय पर रहकर गाड़ियों का संचालन करेंगे।

इस प्रदर्शन का उद्देश्य कर्मचारियों की लंबित मांगों को प्राथमिकता देना है। इसमें प्रमुख मांगें 50 प्रतिशत बढ़े हुए डीए के अनुपात में माइलेज अलाउंस में 25 प्रतिशत वृद्धि, किलोमीटर भत्ते के 70 प्रतिशत हिस्से को आयकर मुक्त करना, मेल लोको पायलट से 6 घंटे तथा मालगाड़ी लोको पायलट से 8 घंटे ड्यूटी तय करना, दो रात्रियों से अधिक रात्रिकालीन ड्यूटी न कराना, मुख्यालय से बाहर ड्यूटी 36 घंटे से अधिक न हो, महिला रनिंग कर्मचारियों की विशिष्ट शिकायतों का शीघ्र निवारण, और एनपीएस एवं यूपीएस रद्द कर ओपीएस बहाल करने जैसी मांगें शामिल हैं।

विनोद गंगवाल के नेतृत्व में आयोजित इस भूख हड़ताल में दिनेश शंकर डी, संजय कुमार, ओमप्रकाश मीणा, लेखराज, रमेश पायलट, रामप्रसाद, मुकेश सेवदा, गोपेश शर्मा, राजकुमार शर्मा, सुनिल जांगिड़, रमेश मीणा, विनित शर्मा, आशिक हुसैन, मोहित, कमलचंद, तरुण भडाना, कृष्ण मुरारी, सुखपाल, मुस्तफा हुसैन, बसराम मीणा, रामस्वरूप, मांगीलाल, लोकेश समेत अन्य कर्मचारी शामिल रहे।

रेलवे कर्मचारियों का यह प्रदर्शन न केवल उनकी पेशेवर जरूरतों और अधिकारों की पुष्टि करता है, बल्कि यह राष्ट्रीय स्तर पर कर्मचारियों के संघर्ष और संगठनात्मक एकजुटता की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की सामूहिक कार्रवाई सरकारी नीतियों पर प्रभाव डाल सकती है और कर्मचारियों के हितों के लिए बदलाव को गति दे सकती है।

Pratahkal Bureau

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