आकोला नगर पालिका की सख्ती: बकाया किराया न चुकाने वाले 48 दुकानदारों को अंतिम चेतावनी, 15 दिन में भुगतान नहीं तो बेदखली तय
आकोला नगर पालिका ने बकाया किराया न चुकाने वाले 48 दुकानदारों को अंतिम चेतावनी जारी की है। 5 लाख रुपये से अधिक बकाया वसूली के लिए 15 दिन की मोहलत, इसके बाद बेदखली और कुर्की की कड़ी कार्रवाई की तैयारी से हड़कंप मच गया है।

चित्तौड़गढ़ जिले की आकोला नगर पालिका कार्यालय की इमारत, जहां प्रशासन ने लंबे समय से किराया बकाया रखने वाले 48 डिफाल्टर दुकानदारों को 15 दिन के भीतर राशि जमा कराने का अंतिम नोटिस दिया है।
नगर पालिका प्रशासन ने लंबे समय से किराया बकाया रखकर दुकानों का उपयोग कर रहे डिफाल्टर दुकानदारों के खिलाफ अब सख्त रुख अपना लिया है। नीलामी प्रक्रिया के तहत आवंटित नगर पालिका की दुकानों का किराया समय पर जमा नहीं करने के मामलों ने गंभीर रूप ले लिया है, जिसके बाद प्रशासन ने 48 दुकानदारों को अंतिम नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है।
नगर पालिका क्षेत्र में कई दुकानदारों द्वारा वर्षों से किराया जमा नहीं कराया जा रहा है, जिससे बकाया राशि बढ़कर लगभग 5 लाख रुपये तक पहुंच गई है। लगातार अनदेखी के बाद नगर पालिका ने अब कार्रवाई का रास्ता अपनाते हुए सभी संबंधित डिफाल्टरों को 15 दिन के भीतर बकाया राशि जमा कराने का निर्देश दिया है।
नगर पालिका प्रशासन ने साफ किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर यदि बकाया किराया जमा नहीं किया गया, तो संबंधित दुकानदारों के खिलाफ बेदखली और संपत्ति जब्ती की कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस कदम के तहत दुकानों को सील करने और कुर्की की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
नगर पालिका के मुख्य अधिशासी अधिकारी (ईओ) के अनुसार यह कार्रवाई राजस्थान नगरपालिका अधिनियम की धारा 130 एवं 131 के तहत की जा रही है। इन प्रावधानों के अंतर्गत नगर पालिका को बकाया वसूली के लिए संपत्ति को अधिग्रहित (सीज) और कुर्क (अटैच) करने का कानूनी अधिकार प्राप्त है।
प्रशासनिक स्तर पर जारी सामूहिक नोटिस के बाद क्षेत्र के व्यापारियों और दुकानदारों में हलचल देखी जा रही है। लंबे समय से बकाया राशि जमा नहीं करने वाले कई मामलों के सामने आने के बाद अब पालिका की सख्ती ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
नगर पालिका प्रशासन ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा है कि नगर पालिका की संपत्तियों पर व्यवसाय करने के बावजूद समय पर किराया न चुकाना नियमों का उल्लंघन है। सभी संबंधित दुकानदारों को अंतिम अवसर देते हुए 15 दिन की मोहलत दी गई है, जिसके बाद बिना किसी अतिरिक्त सूचना के बेदखली और कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इस कार्रवाई के साथ नगर पालिका ने यह संकेत दिया है कि सार्वजनिक संपत्तियों के उपयोग में पारदर्शिता और नियमों के पालन को लेकर अब किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी, जिससे आने वाले दिनों में बकाया वसूली अभियान और तेज होने की संभावना है।

Pratahkal Bureau
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