आकोला में 13 दिवसीय फागोत्सव शुरू, गैर नृत्य और जीव दया की परंपरा
मेवाड़ के आकोला में होलिका दहन के साथ पारंपरिक गैर नृत्य का आगाज़ हुआ, जहां ग्रामीणों ने पशु सेवा की प्राचीन परंपरा का निर्वहन करते हुए कुत्तों को बाटी खिलाई।

आकोला के सदर बाजार में होलिका दहन के अवसर पर पारंपरिक गैर नृत्य करते ग्रामीण और पशु सेवा के लिए बाटी तैयार करते जनसेवक।
आकोला/कांकरवा | 4 मार्च: आकोला क्षेत्रो में 13 दिवसीय फागोत्सव की धूम रहेगी, जो रंग तेरस तक चलेगी। कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में होली का पर्व पारम्परिक विधि विधान के साथ मनाया गया। इस मौके पर गुरुवार को शुभ मुहूर्त में कस्बा के विभिन्न गली मोहल्लों में होलिका दहन किया गया, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी होलिका दहन व धुलण्डी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। लोगों ने एक दूसरे को गुलाल लगा कर होली की शुभकामनाएं दी।
देवालयों में फागोत्सव और पारंपरिक गैर नृत्य का आयोजन
विभिन्न मंदिरों पर पारंपरिक गैर नृत्य का आयोजन किया गया। होली के मौके पर मेवाड़ में पारंपरिक रूप से खेले जाने वाले गैर नृत्य में युवा व बुजुर्ग ढोल के ताल पर लकड़ी के साथ शामिल हुए। इसके साथ ही कई देवालयों व मंदिरों पर फागोत्सव के आयोजन शुरू हो गए। फागोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आकोला में होलिका दहन से पूर्व पंच पटेल व विभिन्न समाजों के लोग सदर बाजार स्थित होलीथड़ा पर एकत्रित हुए और शाम को जुलूस निकाला गया।
विधि-विधान से पूजन और ढूंढ उत्सव की परंपरा
जुलूस रावली होली पर पहुंचा, जहां पंडित श्यामसुंदर सुखवाल ने होली के डांडे की पूजा अर्चना कर जन समूह को तिलक लगाया। होलिका दहन के दौरान ग्रामीणों ने आग में गेहूं की बालियां सेकी। इसके बाद दूसरे दिन सुबह महिलाओं ने होली को ठंडा करने के लिए दहन स्थल पर घर से जल लाकर चढ़ाया। होली के दूसरे दिन ढूंढ उत्सव मनाया गया। वही रात्रि को सामूहिक महिलाओं ने मिलकर जमरा बीज मनाया गया।
जीव दया की मिसाल: कुत्तों के लिए बाटी और गोशाला अंशदान
सदर बाजार में प्राचीन परंपरा का निर्वहन करते हुए, पशु प्रेमी जनसेवकों ने कुत्तों के लिए होली के अवसर पर भोजन तैयार किया एवं गोशाला गायों के चारे के लिए अंशदान इकठ्ठा किया। ग्रामीणों ने 25 किलो आटा की बाटी बनाकर कुत्ते को खिलाएं। इस दौरान होली का दहन करते पंच पटेलों व कुत्ते की बांटी सेकते ग्रामीण नजर आए।

Shivpal singh Panwar, Chittorgarh
नाम: शिव पाल सिंह पंवार
वर्तमान पद: संवाददाता (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: गाँव: कांकरवा, तहसील: भोपालसागर, जिला: चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)
अनुभव: 10 साल
बीट और मुख्य विषय (Beats & Coverage)
- राजनीति: स्थानीय निकाय, पंचायत और क्षेत्र के राजनीतिक घटनाक्रम व जनप्रतिनिधियों के कार्यक्रमों की कवरेज।
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शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा 11वीं तक पूरी की है।
