आकोला गौशाला विवाद: गौसेवकों ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, 1 जून से आंदोलन की चेतावनी
श्री कृष्ण महावीर गोपाल गौशाला में अनियमितताओं और गबन के आरोपों को लेकर युवाओं ने कलेक्टर को ज्ञापन दिया; मांग पूरी न होने पर धरने की घोषणा की।

चित्तौड़गढ़ जिले के आकोला में श्री कृष्ण महावीर गोपाल गौशाला समिति की अव्यवस्थाओं और वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ स्थानीय पुलिस थाने में ज्ञापन सौंपते युवा और गौसेवक।
आकोला। “श्री कृष्ण महावीर गोपाल गौशाला समिति” से जुड़ी व्यवस्थाओं, गोवंश सुरक्षा, प्रशासनिक पारदर्शिता एवं स्थायी समाधान की मांग को लेकर नगर के गौसेवकों द्वारा जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। यह मामला एक बार फिर तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है, जिसमें तहसील से लेकर जिला स्तर तक युवाओं और गौसेवकों की आवाज़ पहुँच चुकी है।
गौरतलब है कि गौशाला में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर 23 सितम्बर 2025 को भी प्रशासन को ज्ञापन दिया जा चुका था। कई समय से चल रहे श्री कृष्णा महावीर गौशाला आकोला के विवाद का समाधान नहीं हो सका है। पूर्व में सोशल मीडिया, ग्रुपों एवं अखबारों में भी गौशाला समिति में गबन के आरोपों को लेकर खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं। विवाद के बीच समिति में असंतोष बढ़ता गया, जहां सचिव और कोषाध्यक्ष द्वारा मौखिक एवं लिखित रूप से इस्तीफा भी दिया गया और अध्यक्ष से दूरी बना ली गई, हालांकि इस्तीफे के बावजूद अभी तक नए सचिव-कोषाध्यक्ष की नियुक्ति नहीं हो सकी है।
पूर्व में प्रशासनिक अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान भी गौशाला की अनियमितताओं पर नाराज़गी जताई गई थी। उपखण्ड अधिकारी द्वारा निरीक्षण में स्पष्ट असंतोष व्यक्त करते हुए जिम्मेदारों को सख्त निर्देश दिए गए थे, किंतु कई बिंदुओं पर संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किए जा सके। सुधार के निर्देशों के बावजूद गौशाला की व्यवस्थाओं में अपेक्षित बदलाव नहीं होने से तहसील से लेकर जिला स्तर तक युवाओं की आवाज़ पहुँचती रही।
गौशाला से जुड़े गौसेवकों एवं नागरिकों द्वारा गोवंश सुरक्षा, चारा-पानी, उपचार व्यवस्था, स्वच्छता, पशु-कल्याण तथा प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर लगातार चिंता व्यक्त की जा रही है। जनसहयोग राशि एवं सार्वजनिक अनुदान के उपयोग से संबंधित अभिलेखीय स्पष्टता की मांग भी उठाई गई है। इसी क्रम में गौसेवकों द्वारा स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन को शांतिपूर्ण एवं कानूनसम्मत तरीके से ज्ञापन सौंपा गया।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल तहसील कार्यालय भूपालसागर पहुंचा, जहां तहसीलदार को विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया। तहसीलदार ने ज्ञापन को संबंधित विभागों एवं अधिकारियों तक प्रेषित करने का आश्वासन दिया। तत्पश्चात प्रतिनिधिमंडल जिला कलेक्ट्रेट चित्तौड़गढ़, गौपालन विभाग एवं अन्य संबंधित प्रशासनिक कार्यालयों में पहुँचा और हाथों-हाथ ज्ञापन प्रस्तुत किए।
ज्ञापन में यह भी मांग रखी गई कि नगर के वरिष्ठजनों, पंच-पटेलों, गौसेवकों, वर्तमान एवं पूर्व समिति सदस्यों तथा जिम्मेदार नागरिकों की उपस्थिति में प्रशासनिक निगरानी में एक खुली एवं पारदर्शी बैठक आयोजित कर स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही यह स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि समयबद्ध एवं संतोषजनक प्रशासनिक कार्यवाही नहीं होती है तो 01 जून 2026 से आकोला मुख्य बस स्टैंड पर शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं प्रतीकात्मक धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
लगातार तहसील से जिला कलेक्ट्रेट और गौपालन विभाग तक ज्ञापन पहुँचने के बाद अब पूरे क्षेत्र की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई और इस लंबे समय से चले आ रहे गौशाला विवाद के संभावित समाधान पर टिकी हुई हैं।
फोटो: आकोला। गौशाला की समस्या को लेकर ज्ञापन सौंपते गौसेवक, युवा कार्यकर्ता।

Pratahkal Bureau
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