काकंरवा/आकोला। क्षेत्र भर में दशा माता का पर्व महिलाओं ने हर्षोल्लास से पीपल के वृक्ष और दशा माता की पूजा अर्चना कर मनाया। इस अवसर पर महिलाओं ने सुबह सुबह पीपल के वृक्ष का सामूहिक रुप से पूजन कर दशा माता की कथा सुनी गई।

प्रतिकूल परिस्थितियों के निवारण हेतु व्रत की मान्यता

मान्यता है कि जिन परिवारों की ग्रह दशा और परिस्थितियां प्रतिकूल यानी अशुभ होती है, इस दिन दशा माता का व्रत और पूजा करने से सुख समृद्धि आती है। इस पूजा के बाद महिलाएं एक खास डोरा पहनती है ताकि परिवार में सुख समृद्धि शाति सौभाग्य और धन संपत्ति बनी रहे। दशा माता का व्रत एक बार करने के बाद हर बार किया जाता है, इस व्रत को बीच में नहीं छोड़ सकता है, ऐसा करने पर अशुभ माना जाता है। अगर बहुत जरूरी हो तो उद्यापन करने के बाद ही इसे छोड़ सकते हैं।

व्रत के कड़े नियम और शुद्धता का महत्व

इस व्रत में साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है घर की अनावश्यक चीजें भी बाहर रख दी जाती है। दशा माता व्रत करने वाली महिलाएं मात्र एक बार भोजन कर सकती है। मान्यता है कि "व्रत विधि विधान सच्चे मन भक्ति भाव से करने पर 1 साल के जीवन से जुड़े दुख दूर हो जाते हैं।" यह धागा साल भर गले में पहना जाता है।

नए वस्त्राभूषणों में पीपल पूजन और आटे के गहनों का अर्पण

इस मौके पर अल सुबह महिलाएं नए वस्त्राभूषण धारण कर पूजा की थाली लिए पीपल के वृक्ष तले पहुंची, जहां महिलाओं ने दशमाता का व्रत कर परिवार की सुख शांति, सुहाग की सलामती की कामना की। महिलाओं ने पीपल की परिक्रमा के साथ आटे के गहने चढ़ाकर मंगल कामना की गई। इस पर्व पर मान्यतानुसार महिलाएं पीपल के वृक्ष की छाल अपने घर ले जाकर घर की दशा सुधारने व धन धान्य से संपन्न करने की कामना करती है।

क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

इस त्योहार पर कस्बे के बस स्टैंड पर पीपलेश्रर महादेव मंदिर, भाटावाडा मोहल्ले, अखाड़ा चौक, गाडरीवास, जवाहर नगर कॉलोनी ताणा, कानेडखेडा, मूरला, सहित गांवों में दशा माता की पूजा अर्चना कि गया। महिलाओं ने बड़ों का आशीर्वाद लिया और परिवार में खुशियां की कामना की। फोटो आकोला। दशा माता की पूजा अर्चना करती महिलाएं।

Shivpal singh Panwar, Chittorgarh

Shivpal singh Panwar, Chittorgarh

नाम: शिव पाल सिंह पंवार

वर्तमान पद: संवाददाता (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: गाँव: कांकरवा, तहसील: भोपालसागर, जिला: चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)

अनुभव: 10 साल

बीट और मुख्य विषय (Beats & Coverage)

  • राजनीति: स्थानीय निकाय, पंचायत और क्षेत्र के राजनीतिक घटनाक्रम व जनप्रतिनिधियों के कार्यक्रमों की कवरेज।
  • प्रशासन: सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक निर्णय, जनसुनवाई और विकास कार्यों की रिपोर्टिंग।
  • शिक्षा व सामाजिक मुद्दे: स्थानीय विद्यालयों की स्थिति, शिक्षा योजनाएं और ग्रामीण क्षेत्रों के सामाजिक सरोकार से जुड़े विषय।
  • स्वास्थ्य: चिकित्सा सेवाएं, सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं और जनस्वास्थ्य से जुड़े समाचार।
  • जन समस्या: ग्रामीण अंचल की बुनियादी समस्याएं और आम जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी शिक्षा 11वीं तक पूरी की है।

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