धर्म और अध्यात्म की पावन धारा के साथ आचार्य श्री 108 आर्जव सागर जी महाराज ससंघ का गुरुवार प्रातः बेगूं नगर की धरा पर ऐतिहासिक एवं भव्य मंगल प्रवेश संपन्न हुआ। भक्ति और श्रद्धा के अनूठे संगम के बीच मुनि संघ का मंगल विहार काटूंदा मार्ग से होते हुए प्रातः 8:30 बजे अहिंसा सर्किल पहुंचा, जहां गाजे-बाजे और गगनभेदी जयघोष के साथ सकल जैन समाज ने संतों की अगवानी की।

अहिंसा सर्किल से प्रारंभ हुआ भव्य स्वागत जुलूस किला मंदिर और सदर बाजार मार्ग से होते हुए शहर मंदिर पहुंचा, जहां समूचा मार्ग श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति से पट गया। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पलक-पावड़े बिछाकर आचार्य श्री के चरणों में वंदन किया और मंगल आशीर्वाद प्राप्त कर स्वयं को धन्य माना। इस दौरान समूचे नगर का वातावरण धर्ममय हो गया और हर ओर भक्ति की बयार बहने लगी। शहर मंदिर पहुंचने के पश्चात आयोजित धर्मसभा में आचार्य श्री ने सारगर्भित प्रवचन दिए, जिसमें बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने धर्म लाभ लिया। प्रवचन के उपरांत आचार्य श्री की आहार चर्या संपन्न हुई, जिसका परम सौभाग्य श्रेष्ठी श्री लादूलाल जी सोनी परिवार को प्राप्त हुआ।





मुनि संघ के इस पावन आगमन पर न केवल बेगूं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों यथा ठुकराई, नन्दवाई, काटूंदा, जाट, मण्डलगढ़, कंकाल तलाई, चित्तौड़गढ़ और सिंगोली से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। कार्यक्रम के दौरान निखिल जैन, संजय शाह, अमित वेद, सुरेंद्र शाह, धीरज बाकलीवाल, मयूर जैन, अभय कुमार लुहाड़िया, जिनेंद्र सोनी, अभिषेक कासलीवाल, मनीष लुहाड़िया, संदीप सोनी सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। यह आयोजन बेगूं के धार्मिक इतिहास में श्रद्धा और अटूट आस्था के एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है।

Pratahkal Hub

Pratahkal Hub

प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"

Next Story