चित्तौड़गढ़ में भक्ति का सैलाब: 351 कलशों के साथ निकलेगी ऐतिहासिक शोभायात्रा, महामंडलेश्वर उत्तम स्वामीजी करेंगे श्रीमद्भागवत कथा का अमृतपान
चित्तौड़गढ़ में 17 जनवरी से सनातन गौरव समिति द्वारा आयोजित भव्य श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ होगा। महामंडलेश्वर उत्तम स्वामीजी महाराज के सानिध्य में 351 कलशों की ऐतिहासिक शोभायात्रा और 151 गांवों की प्रभात फेरियों के साथ शुरू होने वाले इस सात दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान से पूरा शहर भक्तिमय हो गया है। जानें शोभायात्रा का मार्ग और आयोजन की पूरी जानकारी।

चित्तौड़गढ़। राजस्थान की भक्ति और शक्ति की पावन धरा चित्तौड़गढ़ एक बार फिर इतिहास रचने की दहलीज पर खड़ी है। आगामी 17 जनवरी से सेतुमार्ग स्थित रतनबाग का कोना-कोना सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना की दिव्य रश्मियों से आलोकित होने जा रहा है। सनातन गौरव समिति के तत्वावधान में आयोजित होने वाली सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शंखनाद एक ऐसी विराट और भव्य शोभायात्रा के साथ होगा, जिसकी गूंज न केवल शहर बल्कि 151 से अधिक ग्रामीण अंचलों तक सुनाई देगी। 351 मंगल कलशों से सजे धर्म-पथ पर जब श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ेगा, तब समूचा चित्तौड़गढ़ केसरिया रंग में रंगा नजर आएगा।
इस दिव्य अनुष्ठान की गरिमा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि स्वयं ध्यानयोगी श्री श्री 1008 परमपूज्य गुरुदेव अनंत विभूषित महामंडलेश्वर उत्तम स्वामीजी महाराज अपने मुखारविंद से कथा का वाचन करेंगे। आगामी 17 से 23 जनवरी तक प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से सायं 3 बजे तक चलने वाली इस ज्ञान गंगा में हजारों श्रद्धालु डुबकी लगाएंगे। आयोजन की भव्यता को अंतिम रूप देने के लिए रतनबाग में तैयारियों का दौर युद्ध स्तर पर जारी है। समिति के संयोजक प्रवीण टाक ने बताया कि कथा के आध्यात्मिक लाभ को द्विगुणित करने के लिए प्रतिदिन एक कुंडीय यज्ञ का आयोजन भी होगा, जिसमें पाँच जोड़े पूर्ण आहुतियां अर्पित कर लोक मंगल की कामना करेंगे।
उत्सव का मुख्य आकर्षण कथा के प्रथम दिन 17 जनवरी को निकलने वाली वह ऐतिहासिक शोभायात्रा होगी, जो प्रातः 9:30 बजे छबीला हनुमान मंदिर से आरंभ होकर राणा सांगा बाजार और नई पुलिया जैसे प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए रतनबाग पहुंचेगी। सह-संयोजक शैलेंद्र झंवर के अनुसार, इस यात्रा में पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाएं सिर पर कलश धारण कर चलेंगी, तो वहीं 151 गांवों से आई प्रभात फेरियां भजन-कीर्तन के माध्यम से भक्ति का रस घोलेंगी। शोभायात्रा की भव्यता में चार चांद लगाने के लिए हाथी, घोड़े, सुसज्जित बग्गियां, लहराते केसरिया ध्वज और भगवान महाकाल की विशेष झांकी शामिल की गई है। गौरव त्यागी और विश्वनाथ टांक ने बताया कि मार्ग में जगह-जगह तोरण द्वार सजाए गए हैं और शहर की विभिन्न मोहल्ला समितियों व व्यापारिक संगठनों द्वारा पुष्पवर्षा व आरती से शोभायात्रा का पलक-पावड़े बिछाकर स्वागत किया जाएगा।
कथा स्थल रतनबाग में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक विशाल और आकर्षक पांडाल का निर्माण किया गया है, जो पूर्णतः धार्मिक एवं सांस्कृतिक थीम पर आधारित है। यहां अत्याधुनिक ध्वनि व्यवस्था, विशाल एलईडी स्क्रीन और भव्य मंच के साथ-साथ महापुरुषों के चित्रों की प्रदर्शनी भी लगाई जा रही है। सरस्वती शर्मा और लीला आगाल ने आयोजन में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और व्यवस्थाओं की विस्तृत रूपरेखा साझा की। तैयारियों की इस महत्वपूर्ण कड़ी में भरत जागेटिया, मनोज पारीक, राजन माली, रवि मेनारिया, राजेश लोट और राजकुमार तोलम्बिया सहित समिति के अनेक सदस्य दिन-रात जुटे हुए हैं। सनातन गौरव समिति ने समस्त श्रद्धालुओं से सपरिवार इस आध्यात्मिक महाकुंभ में सम्मिलित होने का आह्वान किया है, ताकि यह आयोजन चित्तौड़गढ़ के धार्मिक इतिहास में एक स्वर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हो सके।

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