चित्तौड़गढ़, 23 दिसंबर। कृषि विज्ञान केन्द्र चित्तौड़गढ़ में मंगलवार को किसान सम्मान दिवस का आयोजन बड़े उत्साह और भव्यता के साथ किया गया। इस मौके पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में “विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (वीबी जी राम जी)” बिल 2025 पेश किया। यह बिल मौजूदा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (MGNREGA) में सुधार और ग्रामीण रोजगार को अधिक प्रभावी, आधुनिक और टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से लाया गया है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि नए कानून के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिन की मजदूरी वाली नौकरी की गारंटी दी जाएगी, जो मनरेगा में 100 दिन थी। यह रोजगार उन वयस्क सदस्यों को मिलेगा, जो बिना विशेष कौशल के काम करने को तैयार हैं। सरकार का यह दावा है कि यह पहल ग्रामीण रोजगार को विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप आधुनिक बनाने में मदद करेगी।

कार्यक्रम में 155 कृषक और कृषक महिलाएं उपस्थित थीं। डॉ. आर. एल. सोनी, निदेशक प्रसार शिक्षा, उदयपुर ने उपस्थित किसानों को बताया कि 23 दिसंबर, 1902 को भारत के पांचवें प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का जन्म हुआ था, जिन्हें भारतीय किसानों का सबसे बड़ा मसीहा माना जाता है। साल 2001 से उनके सम्मान में हर वर्ष 23 दिसंबर को किसान दिवस मनाया जाता है। चौधरी चरण सिंह ने किसानों की समस्याओं और स्थिति को समझते हुए कई सुधारात्मक पहल की थीं।

डॉ. रतन लाल सोलकी, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष ने किसानों के योगदान पर जोर देते हुए कहा कि किसान के बिना जीवन असंभव है। उन्होंने किसानों को खेत की मिट्टी की जांच, भूमि उर्वरता में जैविक खाद का प्रयोग, फसलों में कीट एवं रोग नियंत्रण जैसे उपाय अपनाने की सलाह दी। वहीं, श्रीमती दीपा इन्दौरिया ने किसानों को कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन और प्रसंस्करण तकनीकों को अपनाकर उद्यमी बनने के लिए प्रेरित किया।

किसान सम्मान दिवस पर जिले के प्रगतिशील किसानों और कृषक महिलाओं को सम्मानित किया गया। इसमें श्री शांति लाल जाट नन्नाणा, श्री खाजू खा कन्नौज, श्री प्रहलाद उपाध्याय केली और महिला प्रगतिशील कृषक श्रीमती करुणा रेगर बाड़ी निम्बाहेडा प्रमुख रूप से शामिल थे। कार्यक्रम में गायत्री सेवा संस्थान, उदयपुर की श्रीमती मीनल पाटनी, आईटीसी प्रोजेक्ट हेड, श्री संदीप लौहार, कृषि अधिकारी, श्री नकल बम्बोरिया, क्षेत्र पर्यवेक्षक और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

कृषि विज्ञान केन्द्र के श्री शकर लाल नाई, सेवानिवृत सहायक कृषि अधिकारी ने किसान दिवस के महत्व और नवाचारों पर प्रकाश डालते हुए प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया। कार्यक्रम का समापन अतिथियों और किसानों को धन्यवाद अर्पित करने के साथ हुआ, जो भारतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र के विकास में किसानों की भूमिका को रेखांकित करता है।

किसान सम्मान दिवस न केवल किसानों की मेहनत को मान्यता देता है, बल्कि ग्रामीण रोजगार और कृषि के सतत विकास की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

Pratahkal Newsroom

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