आस्था और अक़ीदत का सैलाब: हजरत नसीरशाह दाता के 67वें उर्स का परचम कुशाई के साथ भव्य आगाज
चित्तौड़गढ़ में हजरत नसीरशाह दाता रहमतुल्लाह अलैहे का 67वां उर्स मुबारक परचम कुशाई की रस्म के साथ हर्षोल्लास से शुरू हो गया है। मेवाड़ के प्रमुख सूफी संतों की मौजूदगी में झंडा शरीफ की रस्म अदा की गई। किछौछा शरीफ के हजरत सय्यद मोहम्मद अशरफ आज शिरकत करेंगे। जानिए 9 जनवरी तक चलने वाले कव्वाली और कुल की रस्म के पूरे कार्यक्रम के बारे में।

चित्तौड़गढ़। भक्ति, इबादत और रूहानी सुकून की सरजमीं चित्तौड़गढ़ में बूंदी रोड स्थित सुप्रसिद्ध सूफी संत हजरत नसीरशाह दाता रहमतुल्लाह अलैहे का 67वां उर्स मुबारक बुधवार को पूरी अक़ीदत और शानो-शौकत के साथ शुरू हुआ। समूचा दरगाह परिसर 'लब्बैक या नसीरशाह' के नारों और दरूदो-सलाम की सदाओं से गूंज उठा। उर्स की शुरुआत की सबसे अहम और पवित्र कड़ी 'परचम कुशाई' (ध्वजारोहण) की रस्म रही, जिसे मेवाड़ के महान सूफी संत हजरत हाफिज सय्यद सरदार अहमद कादरी चिश्ती अशरफी साहब के नवासे और खानदान-ए-अशरफिया के प्रमुख दिग्गजों ने मुकम्मल किया।
इस रूहानी मंजर का गवाह बनने के लिए जायरीन का हुजूम उमड़ पड़ा। झण्डा शरीफ को हजरत सय्यद सरदार अहमद अशरफी की खानकाह से निहायत ही अदब के साथ गाजे-बाजे और कलाम पढ़ते हुए दरगाह शरीफ लाया गया। यहाँ सज्जादानशीन मोहम्मद सलीम अशरफी, सज्जादानशीन युसुफ अशरफी, मौलाना मुफ्ती उस्मान अशरफी अलअजहरी, जुबेर अशरफी अलअजहरी, जुनेद अशरफी और उमेर अशरफी ने संयुक्त रूप से झंडे की रस्म अदा कर उर्स के विधिवत शुभारंभ की घोषणा की। इस दौरान नबीरा-ए-मखदूमे मिल्लत हाफिज शोएब ने हुजूर की बारगाह में सलातो-सलाम का नजराना पेश किया, जिसके बाद मुफ्ती उस्मान अशरफी ने मुल्क में अमन-चैन और खुशहाली के लिए विशेष फातिहा पढ़ी।
उर्स की रौनक को दुगना करने के लिए आज चित्तौड़गढ़ की ऐतिहासिक धरती पर औलादे गौसे आजम, हुजूर अशरफे मिल्लत हजरत सय्यद मोहम्मद अशरफ (कौमी सदर, ऑल इंडिया मशाइख बोर्ड, किछौछा शरीफ) का आगमन हो रहा है। दोपहर 4 बजे दिल्ली गेट पर अशरफी युवा जमात द्वारा उनका भव्य इस्तकबाल किया जाएगा। कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार, हजरत नसीरशाह दाता के उर्स की विशेष महफिल में आज रात्रि को हुजूर अशरफे मिल्लत का रूहानी संबोधन (तकरीर) होगा। उर्स के समापन की ओर बढ़ते हुए 9 जनवरी को सुबह 10 बजे महफिले कव्वाली का आयोजन किया जाएगा, जिसके पश्चात कुल की रस्म में हजरत सय्यद मोहम्मद अशरफ की दुआ के साथ इस मुबारक उर्स का समापन होगा।
इस पावन अवसर पर गुलाम रसुल खान, अब्दुल हमीद मंसुरी, यासिन छीपा, सोनू अशरफी, जाकीर खान, मोहम्मद युनुस छीपा, नदीम शेख, और बड़ी संख्या में अशरफी साहब के मुरीद व अक़ीदतमंद मौजूद रहे। यह उर्स न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह चित्तौड़गढ़ की गंगा-जमुनी तहजीब और सूफियाना रिवायतों को भी मजबूती प्रदान करता है, जहाँ हर साल हजारों की संख्या में लोग अपनी मन्नतें लेकर दाता की चौखट पर सर झुकाते हैं।

Pratahkal Newsroom
प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
