निंबाहेड़ा। भक्ति, शक्ति और संस्कारों की त्रिवेणी जब एक साथ प्रवाहित होती है, तो समूचा वातावरण देवलोक सा प्रतीत होने लगता है। चित्तौड़गढ़ जिले की निंबाहेड़ा तहसील के ग्राम पिपलिया गदिया में इन दिनों कुछ ऐसा ही अलौकिक दृश्य देखने को मिल रहा है, जहाँ श्रीमद् भागवत कथा के भव्य आयोजन ने जन-जन के मानस को भक्तिरस से सराबोर कर दिया है। ग्रामवासियों के सामूहिक सहयोग से आयोजित इस दिव्य अनुष्ठान में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिससे क्षेत्र का कोना-कोना श्रीकृष्ण के जयकारों से गुंजायमान है।

कथा के मुख्य मंच से अपनी ओजस्वी वाणी और सुमधुर भजनों के माध्यम से साध्वी श्री जयमाला जी ने भागवत महापुराण के रहस्यों को उजागर किया। उन्होंने अपने मुखारविंद से संगीतमय कथा का वाचन करते हुए कहा कि श्रीमद् भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ मात्र नहीं है, बल्कि यह वह दिव्य प्रकाश पुंज है जो भटकते हुए मानव जीवन को सद्मार्ग की ओर अग्रसर करता है। साध्वी जी ने श्रीकृष्ण की लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन करते हुए बताया कि भगवान का अवतार प्रेम, करुणा और अधर्म पर धर्म की विजय का साक्षात प्रमाण है। उन्होंने भक्त प्रह्लाद की अटूट श्रद्धा, गोवर्धन पर्वत धारण करने की अद्भुत लीला और महारास के प्रसंगों के माध्यम से यह संदेश दिया कि संसार में केवल निष्काम भक्ति ही जीवन को सार्थकता प्रदान कर सकती है।

इस पावन अवसर पर क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की गरिमामय उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा को और बढ़ा दिया। समारोह में विशेष अतिथि के रूप में पधारे पूर्व विधायक अशोक नवलखा का आयोजकों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरान अतिथियों ने व्यासपीठ का पूजन कर साध्वी श्री जयमाला जी को उपरना ओढ़ाकर उनका सम्मानपूर्वक अभिनंदन किया। अपने संबोधन में पूर्व विधायक अशोक नवलखा ने कहा कि आज के आधुनिक युग में ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में उच्च संस्कारों के संचार के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह आयोजन युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों, संस्कृति और समृद्ध परंपराओं से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है।

वहीं, चित्तौड़गढ़ के पूर्व जिला प्रमुख गब्बर सिंह अहीर ने भी कथा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रीमद् भागवत कथा हमें सत्य और कर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने ग्राम स्तर पर हो रहे इस विराट आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे समागमों से न केवल आध्यात्मिक चेतना जागृत होती है, बल्कि सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे को भी बल मिलता है। कार्यक्रम में पूर्व प्रधान पंचायत समिति निंबाहेड़ा बगदीराम धाकड़, प्रख्यात भामाशाह एवं समाजसेवी कारुण्डा मेघराज जाट सहित क्षेत्र के कई वरिष्ठ नागरिक और समाजसेवी उपस्थित रहे। आयोजन के अंतिम चरण में आयोजकों ने सभी अतिथियों, कथा वाचक साध्वी जयमाला जी और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं का हृदय से आभार व्यक्त किया। यह धार्मिक उत्सव केवल एक आयोजन तक सीमित न रहकर पिपलिया गदिया और आसपास के क्षेत्रों के लिए एक सांस्कृतिक महापर्व बन गया है।

Pratahkal Bureau

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