चित्तौड़गढ़ में मौत का तांडव: ट्रेलर से टकराकर बिजनेसमैन की कार के उड़े परखच्चे, पति-पत्नी समेत एक ही परिवार के 4 लोगों की दर्दनाक मौत
चित्तौड़गढ़-उदयपुर हाईवे पर दर्दनाक सड़क हादसा! आवारा जानवर को बचाने के चक्कर में ट्रेलर से भिड़ी बिजनेसमैन की तेज रफ्तार कार। इस भीषण भिड़ंत में पति-पत्नी समेत परिवार के 4 सदस्यों की मौत, जबकि 6 साल का मासूम चमत्कारिक रूप से बचा। पढ़ें, कैसे एक शादी की खुशियां मातम में बदलीं और पुलिस ने इस घटना पर क्या खुलासा किया।

चित्तौड़गढ़। राजस्थान के चित्तौड़गढ़-उदयपुर नेशनल हाईवे पर बीती रात एक ऐसी हृदयविदारक घटना घटी, जिसने खुशियों भरे एक परिवार को मातम के गहरे साये में धकेल दिया। शादी समारोह के उल्लास से सराबोर होकर लौट रहे एक प्रतिष्ठित व्यवसायी का परिवार काल के क्रूर पंजे में समा गया। नरबदिया गांव के पास तेज रफ्तार कार और ट्रेलर के बीच हुई इस भीषण भिड़ंत में बिजनेसमैन और उनकी पत्नी सहित परिवार के चार सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई। कुदरत का करिश्मा ही रहा कि इस भयावह मंजर के बीच छह साल का मासूम बच्चा मौत को मात देकर सुरक्षित बच निकला, जिसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
हादसे की पटकथा गुरुवार देर रात करीब 2 बजे लिखी गई, जब चित्तौड़गढ़ के मधुबन निवासी बिजनेसमैन रिंकेश नानवानी अपनी कार से परिवार के साथ घर लौट रहे थे। पुलिस तफ्तीश और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाईवे पर अचानक किसी आवारा जानवर के सामने आ जाने से रिंकेश ने संतुलन खो दिया। तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर लांघ गई और दूसरी लेन में सामने से आ रहे काल रूपी ट्रेलर से जा टकराई। टक्कर इतनी प्रचंड थी कि कार लोहे के ढेर में तब्दील हो गई और चीख-पुकार के बीच चारों वयस्कों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
इस भीषण दुर्घटना में मधुबन निवासी रिंकेश नानवानी, उनकी पत्नी सुहानी नानवानी, प्रतापनगर निवासी उनकी चाची रजनी और मूल रूप से रतलाम निवासी उनके फूफा हीरानंद लालवानी, जो वर्तमान में इंदौर में रह रहे थे, की असामयिक मृत्यु हो गई। हादसे के समय रिंकेश स्वयं कार चला रहे थे और उनकी पत्नी सुहानी बगल की सीट पर बैठी थीं। कार के मलबे से रिंकेश के छह साल के बेटे वैभव को घायल अवस्था में निकाला गया, जिसे तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की गई। डॉक्टरों ने वैभव की स्थिति को खतरे से बाहर बताया है, हालांकि वह गहरे सदमे में है।
भादसोड़ा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर बाधित यातायात को सुचारू करवाया। सहायक उपनिरीक्षक प्रेमचंद ने बताया कि प्रारंभिक जांच में दुर्घटना का मुख्य कारण अचानक जानवर का आना और कार की अत्यधिक गति होना सामने आया है। पुलिस ने चारों शवों को जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया, जहाँ शुक्रवार को परिजनों की उपस्थिति में पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिए गए। इस घटना ने एक बार फिर हाईवे पर सुरक्षा मानकों और आवारा पशुओं की समस्या पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसने एक हँसते-खेलते परिवार का चिराग बुझा दिया।

Pratahkal Bureau
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