चित्तौड़गढ़। अटूट श्रद्धा, सांस्कृतिक विरासत की महक और सामूहिक उल्लास के बीच चित्तौड़गढ़ की धरा पर सिंधी समाज द्वारा 'लाल लोई' का पर्व अत्यंत गरिमामय और भव्य तरीके से मनाया गया। यह केवल एक त्यौहार नहीं, बल्कि सिंधु सभ्यता की उस गौरवशाली परंपरा का जीवंत स्वरूप था, जिसने प्रताप नगर स्थित झूलेलाल मंदिर के प्रांगण को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया। पूज्य सिंधी पंचायत विकास समिति और झूलेलाल युवा सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव ने समाज की एकजुटता और नई पीढ़ी के अपनी जड़ों से जुड़ाव की एक अमिट तस्वीर पेश की।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रेम प्रकाश आश्रम, अजमेर के पूज्य संत स्वामी रामप्रकाश महाराज के मुख्य आतिथ्य और पूज्य सिंधी पंचायत के सचिव योगेश भोजवानी की अध्यक्षता में हुआ। आयोजन की कमान संभाल रहे झूलेलाल युवा सेवा समिति के अध्यक्ष जेकी आहुजा और उपाध्यक्ष रवि मलानी ने बताया कि सिंधु संस्कृति के इस महापर्व के अवसर पर मंदिर परिसर के बाहर विशेष रूप से 'लोई' सजाई गई थी। पंडित कार्तिक शर्मा के वैदिक मंत्रोचार और विधि-विधान से पूजा-अर्चना के पश्चात संत स्वामी रामप्रकाश महाराज ने पवित्र लोई प्रज्ज्वलित की। जैसे ही अग्नि की लपटें आकाश की ओर उठीं, उपस्थित जनसमूह ने मंगल गीतों के साथ परिक्रमा शुरू की। समाजजनों ने इस पवित्र अग्नि के समक्ष मत्था टेककर अपने परिवार और स्वजनों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की मंगल कामना की।

परंपरागत अनुष्ठानों के साथ-साथ आयोजन में सामुदायिक मनोरंजन का भी विशेष पुट रहा। मुख्य समारोह से पूर्व बच्चों और महिलाओं के लिए चेयर रेस (संगीत कुर्सी) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसने माहौल में उत्साह का संचार कर दिया। इस स्पर्धा के महिला वर्ग में आशा आहुजा ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी दक्षता सिद्ध की, वहीं धूव आहुजा द्वितीय स्थान पर रहीं। विजेताओं को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। श्रद्धा और उल्लास के इस संगम के उपरांत सभी उपस्थितों के बीच तिल से बने विशेष प्रसाद का वितरण किया गया, जो इस ऋतु में मिठास और आपसी प्रेम का प्रतीक माना जाता है।

इस ऐतिहासिक सांस्कृतिक आयोजन की सफलता में समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी रही। समारोह के दौरान चंद्र मलानी, ललित वंगानी, जेपी वंगानी, कमल चंचलानी, कपिल मलानी, राजेश तुलसानी, भावेश नेनवानी, जितेन्द्र वासवानी, मनोज भोजवानी, जितेन्द्र बलवानी, बाबु अगनानी, दीपेश वंगानी, सुनील मलानी, आशीष विधानी, धीरज भोजवानी, राजु वाधवानी, दिलीप वंगानी, मनोज मेठानी, सागर नेनवानी और दिशांत वरलानी जैसे प्रबुद्ध जनों ने व्यवस्थाओं को संभाला। साथ ही, महिला शक्ति के रूप में शारदा विधानी, प्रित आहुजा, हीर वरलानी, पुनम आहुजा, प्राची तुलसानी, कशीष मलानी, इंदु चंचलानी, सिमरन मलानी, पलक चंचलानी, मधु मलानी, प्रिया शर्मा, राधिका मेठानी और वर्षा वंगानी सहित बड़ी संख्या में समाजजन साक्षी बने। लाल लोई का यह पर्व न केवल सिंधी समाज की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ कर गया, बल्कि आपसी भाईचारे और सद्भावना का एक सशक्त संदेश भी प्रसारित कर गया।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story