सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण: महिलाओं को सुरक्षित आश्रय और व्यापक सहायता मुहैया कराने का मॉडल
चित्तौड़गढ़ के महिला अधिकारिता विभाग परिसर में संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर का जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव सुनील कुमार गोयल ने निरीक्षण किया। केंद्र में पीड़ित महिलाओं को तत्काल आश्रय, भोजन और कानूनी सहायता दी जाती है, जो 24/7 कार्यरत है और महिला सुरक्षा व अधिकारों के सशक्तरण का प्रतीक है।

चित्तौड़गढ़। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार, बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुनील कुमार गोयल ने महिला अधिकारिता विभाग परिसर में स्थित चंदेरिया थाने के पीछे संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर का औपचारिक निरीक्षण किया। इस अवसर पर सचिव ने केंद्र के केस रजिस्टर और दस्तावेजों का गंभीरता से अवलोकन किया तथा केंद्र की कार्यप्रणाली और सुविधाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अधिवक्ता भारती गहलोत ने आश्रय कक्ष में चार आवासित बालिकाओं के मामलों का संज्ञान लिया। प्रभारी नीतू जोशी ने बताया कि केंद्र किसी भी हिंसा से पीड़ित महिला को तत्काल आश्रय और आवश्यक सहायता प्रदान करता है। यहां जाति, धर्म, वर्ग, क्षेत्र, लैंगिक अभिविन्यास या वैवाहिक स्थिति के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाता। आश्रय अवधि में महिलाओं और बालिकाओं को पांच दिन तक भोजन, आवास, और दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की जाती है।
केंद्र पर रिपोर्ट और बयान संबंधित थाने द्वारा सीधे लिए जाते हैं, जिससे कानूनी प्रक्रियाओं में त्वरित और सुगम सहायता सुनिश्चित होती है। यह केंद्र केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से पूरे भारत में संचालित वन स्टॉप सेंटर मॉडल का हिस्सा है और 24 घंटे, 365 दिन कार्यरत रहता है। पारी के अनुसार यहां कुशल परामर्शदाता, सुरक्षा कर्मी और हेल्पर हमेशा सेवा देने के लिए तत्पर रहते हैं।
निरीक्षण के दौरान विभाग से चैताली जैन, पर्यवेक्षक महिला अधिकारिता विभाग, ग्राम साथिने उपस्थित रहीं। सचिव ने उन्हें नालसा और रालसा द्वारा 10 नवम्बर से 10 फरवरी तक चलाए जा रहे ‘न्याय आपके द्वार: लोक उपयोगिता समस्याओं का सुलभ और त्वरित समाधान अभियान’ के संबंध में जानकारी भी दी। इस अवसर पर नेहा शर्मा, पवित्रा जाट, ममता तेली, ममता बैरवा, मयंक भटनागर और पुलिस कांस्टेबल चांद सहित अन्य कर्मी उपस्थित रहे।
इस निरीक्षण से यह स्पष्ट हुआ कि सखी वन स्टॉप सेंटर महिलाओं और बालिकाओं के लिए एक सुरक्षित, समर्पित और त्वरित सहायता प्रणाली के रूप में कार्य कर रहा है, जो स्थानीय समाज में महिला सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

Piyush Mundara, Chittorgarh
नाम: पियूष मूंदड़ा
वर्तमान पद: संवाददाता
कार्यक्षेत्र: चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)
अनुभव: साल 2013 से
विशेष रुचि: अपराध (क्राइम) और वन्य जीव (Wildlife) रिपोर्टिंग
बीट और कवरेज
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शैक्षणिक योग्यता
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
