राजुरा: मानसिक स्वास्थ्य पर नर्सिंग छात्राओं ने किया पथनाट्य का आयोजन
विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह पर उपजिला अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में गलतफहमियां दूर करने और समय पर चिकित्सीय मदद लेने का संदेश दिया गया।

तस्वीर में अस्पताल परिसर के सामने बैनर लेकर खड़े कॉलेज छात्र और स्वास्थ्य कर्मी दिख रहे हैं।
राजुरा में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के प्रति सामाजिक संवेदनशीलता बढ़ाने और उनसे संबंधित गलत धारणाओं को दूर करने के लिए कल्याण कॉलेज ऑफ नर्सिंग की छात्राओं ने विशेष पहल की। विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के अवसर पर उपजिला अस्पताल, राजुरा में आयोजित जनजागरूकता कार्यक्रम में जीएनएम द्वितीय वर्ष की छात्राओं ने प्रभावशाली पथनाट्य प्रस्तुत कर मानसिक स्वास्थ्य के महत्व का संदेश दिया।
मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, समाज में व्याप्त गलतफहमियों को दूर करने और मानसिक समस्याओं से जूझ रहे व्यक्तियों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्ष की केंद्रीय थीम “Lived Experiences Heard: Real Voices, Real Change” (अनुभवों को आवाज मिलने दें, सकारात्मक बदलाव होने दें) पर आधारित इस पहल के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि मानसिक स्वास्थ्य शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। मानसिक परेशानी से गुजर रहे व्यक्तियों को समझना, उनकी बात सुनना और उन्हें समय पर उचित सहायता उपलब्ध कराना आवश्यक है।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण जीएनएम द्वितीय वर्ष की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत पथनाट्य रहा। इसमें छात्राओं ने अवसाद, मानसिक तनाव और मानसिक बीमारियों को लेकर समाज में प्रचलित गलत धारणाओं का वास्तविक चित्रण किया। प्रस्तुति के माध्यम से समझाया गया कि मानसिक समस्याओं का सामना कर रहे व्यक्तियों को दोष देने के बजाय उनके साथ सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार करना, उनकी भावनाओं को समझना और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें चिकित्सा विशेषज्ञों की सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित करना जरूरी है।
पथनाट्य के माध्यम से ‘मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं को न छिपाएं, व्यक्ति की बात सुनें और सहायता के लिए आगे आएं’ का संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। उपजिला अस्पताल के अधिकारियों, कर्मचारियों, मरीजों और उनके परिजनों ने इस पहल को उत्साहपूर्वक प्रतिसाद दिया और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के महत्व को समझा।
इस अवसर पर उपजिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अशोक जाधव, अस्पताल के चिकित्सक, नर्सें, महाविद्यालय के प्राध्यापक, विद्यार्थी और नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को समझने, प्रभावित व्यक्तियों की बात सुनने और उन्हें समय पर सहायता उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

Manoj Gore (Chandrapur)
नाम: मनोज रामकृष्ण गोरे
वर्तमान पद: रिपोर्टर (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: चंद्रपुर जिला (महाराष्ट्र)
बीट (मुख्य विषय): प्रशासन
परिचय
मनोज रामकृष्ण गोरे महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र के रिपोर्टर हैं। वह मुख्य रूप से चंद्रपुर जिले के प्रशासनिक विभागों की कार्यप्रणाली, सरकारी योजनाओं, जनसुनवाई, विकास कार्यों और प्रशासनिक निर्णयों से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
मनोज रामकृष्ण गोरे को मीडिया क्षेत्र में ग्राउंड रिपोर्टिंग और समाचार संकलन का 5 वर्ष का अनुभव है। वह पिछले पांच सालों से चंद्रपुर जिले के स्थानीय और प्रशासनिक मुद्दों को नियमित रूप से रिपोर्ट कर रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
