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<title><![CDATA[उत्तराखंड]]></title>
<description><![CDATA[पढ़ें ताज़ा हिंदी न्यूज़ और ब्रेकिंग खबरें। भारत और दुनिया की राजनीति, खेल, मनोरंजन, बॉलीवुड, अपराध, व्यवसाय, लोकल और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं की हर अपडेट अब एक ही जगह पर।]]></description>
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<title>उत्तराखंड</title>
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<pubDate>Wed, 02 Sep 2026 14:49:18 GMT</pubDate>
<copyright><![CDATA[pratahkal.com]]></copyright>
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<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
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<title><![CDATA[मुख्यमंत्री धामी से मिले बाबा रामदेव, योग-आयुर्वेद को वैश्विक पहचान दिलाने पर मंथन]]></title>
<description><![CDATA[मुख्यमंत्री धामी और बाबा रामदेव की मुलाकात में उत्तराखंड के विकास, योग-आयुर्वेद और वेलनेस पर्यटन को वैश्विक पहचान देने पर चर्चा हुई।]]></description>
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<content:encoded><![CDATA[<figure> <img width='1600' height='900' src='https://assets.pratahkal.com/h-upload/2026/09/02/2257580-pushkar-dhami-baba-ramdev-meetingjpg.webp'/><figcaption><p>तस्वीर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी योगगुरु बाबा रामदेव से भेंट करते हुए दिख रहे हैं।</p><span class='copyright'></span></figcaption></figure><p>योगगुरु बाबा रामदेव ने आज मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रदेश के विकास, योग एवं आयुर्वेद को बढ़ावा देने तथा उत्तराखंड की समृद्ध आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विभिन्न विषयों पर मुख्यमंत्री और बाबा रामदेव के बीच चर्चा हुई।</p>
<p></p>
<p>मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान देवभूमि के साथ-साथ योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा की भूमि के रूप में भी है। राज्य सरकार प्रदेश की इस विशिष्ट पहचान को वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।</p>
<p></p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि योग और आयुर्वेद हमारी प्राचीन ज्ञान परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनके माध्यम से उत्तराखंड में स्वास्थ्य, पर्यटन, रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वेलनेस, योग एवं आयुर्वेद आधारित पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और सरकार इन क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।</p>
<p></p>
<p>बाबा रामदेव ने उत्तराखंड में योग, आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा, हिमालयी वातावरण और आध्यात्मिक विरासत इसे योग एवं आयुर्वेद के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए अनुकूल बनाती है।</p>
<p></p>
<p><br></p>]]></content:encoded>
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<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
<dc:creator><![CDATA[Pratahkal Hub]]></dc:creator>
<pubDate>Wed, 02 Sep 2026 14:49:13 GMT</pubDate>
</item>
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<link>https://www.pratahkal.com/uttarakhand/uttarakhand-water-conservation-watershed-projects-progress-1627943</link>
<title><![CDATA[उत्तराखंड में जल संरक्षण को मिलेगी रफ्तार, 15 वाटरशेड परियोजनाओं पर केंद्र का जोर]]></title>
<description><![CDATA[उत्तराखंड की 15 वाटरशेड परियोजनाओं को गति देने की तैयारी, केंद्र ने 30 सितंबर 2026 तक कार्य पूरा करने पर जोर दिया।]]></description>
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<content:encoded><![CDATA[<figure> <img width='1600' height='900' src='https://assets.pratahkal.com/h-upload/2026/09/02/2257574--2026-09-02t201639389.webp'/><figcaption></figcaption></figure><p>उत्तराखंड में जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने के लिए संचालित प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के वाटरशेड विकास घटक (WDC-PMKSY 2.0) की परियोजनाओं में अब तेजी लाने की कवायद शुरू हो गई है। केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर राज्य में वाटरशेड से जुड़े कार्यों को गति देने और उपलब्ध केंद्रीय सहायता का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।</p>
<p></p>
<p>केंद्रीय कृषि मंत्री ने पत्र में बताया कि वर्ष 2021-22 से 2025-26 के दौरान उत्तराखंड में 15 वाटरशेड परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इन परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 0.84 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को लाभान्वित किया जाना प्रस्तावित है। परियोजनाओं की कुल स्वीकृत लागत ₹232.26 करोड़ है, जिसमें केंद्रीय अंश ₹209.03 करोड़ निर्धारित है। राज्य को अब तक लगभग ₹113.48 करोड़ की केंद्रीय सहायता जारी की जा चुकी है।</p>
<p></p>
<p>इन परियोजनाओं की मूल अवधि 31 मार्च 2026 को समाप्त हो चुकी थी। शेष कार्यों को पूरा करने के लिए परियोजना अवधि 30 सितंबर 2026 तक बढ़ाई गई है। केंद्रीय मंत्री ने इसे शेष प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन गतिविधियों को पूरा करने और परियोजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने का महत्वपूर्ण अवसर बताया है।</p>
<p></p>
<p>उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में भी WDC-PMKSY 2.0 के तहत उत्तराखंड के लिए ₹31.58 करोड़ की केंद्रीय सहायता आवंटित की गई है। इसमें से ₹15.79 करोड़ की राशि परियोजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन के लिए मदर सैंक्शन के रूप में जारी की जा चुकी है।</p>
<p></p>
<p>केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री से वर्तमान मानसून परिस्थितियों को देखते हुए वाटरशेड परियोजनाओं के तहत वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, मृदा नमी संरक्षण और सूखा-निरोधी उपायों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का अनुरोध किया है। उन्होंने मानसून के दौरान प्राप्त वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण कर ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ाने और ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करने की दिशा में प्रभावी प्रयास करने पर जोर दिया।</p>
<p></p>
<p>इसके तहत चेक डैम, फार्म पॉण्ड, खेत तालाब, परकोलेशन टैंक, जल संचयन संरचनाओं, ड्रेनेज लाइन ट्रीटमेंट तथा अन्य मृदा एवं नमी संरक्षण कार्यों में तेजी लाने को कहा गया है।</p>
<p></p>
<p>केंद्रीय कृषि मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि WDC-PMKSY 2.0 के तहत राज्य का प्रदर्शन, स्वीकृत कार्यों की पूर्णता, केंद्रीय सहायता के उपयोग और परियोजनाओं की समयबद्ध प्रगति आगामी WDC-PMKSY 3.0 के तहत परियोजनाओं के आवंटन का महत्वपूर्ण आधार बनेगा। चालू वर्ष में राज्यों के बीच केंद्रीय सहायता के पुनः आवंटन का निर्णय भी कार्यान्वयन प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। तेजी से प्रगति करने वाले और उपलब्ध धनराशि का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने वाले राज्यों को अतिरिक्त आवंटन में प्राथमिकता दिए जाने पर भी विचार किया जाएगा।</p>
<p></p>
<p>श्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री से राज्य स्तर पर संबंधित विभागों तथा क्षेत्रीय अधिकारियों और कर्मचारियों को शेष वाटरशेड कार्यों, विशेषकर प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन गतिविधियों, को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए आवश्यक निर्देश देने का अनुरोध किया है। साथ ही पूर्व में जारी केंद्रीय सहायता का शत-प्रतिशत प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा है।</p>
<p></p>
<p>केंद्रीय कृषि मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार मानसून की उपलब्ध परिस्थितियों का अधिकतम लाभ उठाते हुए जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण, मृदा संरक्षण और ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण के कार्यों को नई गति देगी। उन्होंने पत्र में यह भी आश्वासन दिया है कि भूमि संसाधन विभाग, भारत सरकार की ओर से उत्तराखंड सरकार को इस दिशा में हरसंभव सहयोग एवं सहायता प्रदान की जाएगी।</p>
<p></p>
<p>मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के वाटरशेड विकास घटक के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दिए जा रहे सहयोग के लिए केंद्र सरकार और केंद्रीय कृषि मंत्री का आभार व्यक्त किया है। परियोजनाओं की समयबद्ध प्रगति और केंद्रीय सहायता के प्रभावी उपयोग पर अब राज्य के आगामी वाटरशेड कार्यों और केंद्रीय सहायता के आवंटन का आधार तय होगा।</p>]]></content:encoded>
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<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
<dc:creator><![CDATA[Pratahkal Hub]]></dc:creator>
<pubDate>Wed, 02 Sep 2026 14:46:56 GMT</pubDate>
</item>
<item>
<link>https://www.pratahkal.com/uttarakhand/ravi-tamta-flying-car-cm-dhami-government-support-1627941</link>
<title><![CDATA[फ्लाइंग कार बनाने वाले रवि टमटा से मिले सीएम धामी, स्टार्टअप को सरकारी मदद के निर्देश]]></title>
<description><![CDATA[सीएम धामी से मिले फ्लाइंग कार निर्माता रवि टमटा, स्टार्टअप की तकनीकी प्रगति पर चर्चा के बाद सरकारी सहयोग के निर्देश दिए गए।]]></description>
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<content:encoded><![CDATA[<figure> <img width='1600' height='900' src='https://assets.pratahkal.com/h-upload/2026/09/02/2257572-pushkar-singh-dhami-ravi-tamta-meetingjpg.webp'/><figcaption><p>तस्वीर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी युवा उद्यमी रवि टमटा को पौधा भेंट करते दिख रहे हैं।</p><span class='copyright'></span></figcaption></figure><p>मुख्यमंत्री आवास में युवा नवोन्मेषक एवं स्टार्टअप उद्यमी रवि टमटा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर फ्लाइंग कार के निर्माण से जुड़े अपने तकनीकी नवाचार, अब तक की प्रगति और भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए स्टार्टअप को नियमानुसार आवश्यक शासकीय सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।</p>
<p></p>
<p>मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं में प्रतिभा, तकनीकी क्षमता और नवाचार की अपार संभावनाएं हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि ऐसे युवाओं को अपने नए विचारों और तकनीकी प्रयोगों को धरातल पर उतारने के लिए आवश्यक सहयोग और अवसर उपलब्ध कराए जाएं।</p>
<p></p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा, “उत्तराखंड के युवाओं के सपनों को पंख देना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। हमारे युवा नए विचारों और आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ रहे हैं। सरकार उनके नवाचार को केवल प्रोत्साहित ही नहीं करेगी, बल्कि उसे धरातल पर उतारने के लिए हरसंभव सहयोग भी प्रदान करेगी।”</p>
<p></p>
<p>मुख्यमंत्री ने मौके पर ही सचिव उद्योग को निर्देश दिए कि रवि टमटा के स्टार्टअप को नियमानुसार आवश्यक शासकीय सहयोग एवं सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कार्यवाही की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की प्रचलित स्टार्टअप एवं औद्योगिक नीतियों के अंतर्गत उपलब्ध सुविधाओं का लाभ दिलाने की संभावनाओं का परीक्षण किया जाए और आवश्यक प्रक्रियाओं में सहयोग प्रदान किया जाए।</p>
<p></p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दौर तकनीक और नवाचार का है। उत्तराखंड के युवा भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, एयरोस्पेस और अन्य आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे नवाचार न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा करते हैं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा देते हैं।</p>
<p></p>
<p>उन्होंने कहा कि पर्वतीय राज्य उत्तराखंड में नई तकनीकों के प्रयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। भविष्य में तकनीक आधारित परिवहन व्यवस्था राज्य के दुर्गम क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। हालांकि, ऐसे प्रोजेक्ट्स के लिए तकनीकी, सुरक्षा और नियामकीय मानकों का पालन आवश्यक होगा।</p>
<p></p>
<p>रवि टमटा ने मुख्यमंत्री को अपने फ्लाइंग कार प्रोजेक्ट की तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि वे इस क्षेत्र में लगातार कार्य कर रहे हैं और भविष्य में इसे और विकसित करने की दिशा में प्रयासरत हैं।</p>
<p></p>
<p>मुख्यमंत्री धामी ने टमटा के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रतिभावान युवाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर इकोसिस्टम उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>
<p></p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि “नया उत्तराखंड केवल विकास परियोजनाओं से नहीं, बल्कि युवाओं के नए विचारों, नवाचार और उद्यमिता से भी बनेगा। हमारी कोशिश है कि उत्तराखंड का कोई भी प्रतिभाशाली युवा संसाधनों के अभाव में अपने सपने को अधूरा न छोड़े।”</p>
<p></p>
<p>उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को स्टार्टअप और इनोवेशन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। युवाओं के नवाचारों को प्रोत्साहन देकर उन्हें रोजगार सृजन, आत्मनिर्भरता और राज्य की आर्थिक प्रगति का माध्यम बनाया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
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<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
<dc:creator><![CDATA[Pratahkal Hub]]></dc:creator>
<pubDate>Wed, 02 Sep 2026 14:45:30 GMT</pubDate>
</item>
<item>
<link>https://www.pratahkal.com/uttarakhand/bajpur-five-madrasas-sealed-administration-action-1627940</link>
<title><![CDATA[बाजपुर में 5 और मदरसे सील, मुख्यमंत्री धामी की सख्ती के बाद प्रशासन की बड़ी कार्रवाई]]></title>
<description><![CDATA[बाजपुर में प्रशासन ने पांच और मदरसों को सील किया। मुख्यमंत्री धामी की सख्ती के बीच नियमों और मानकों के पालन पर कार्रवाई जारी है।]]></description>
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<content:encoded><![CDATA[<figure> <img width='1600' height='900' src='https://assets.pratahkal.com/h-upload/2026/09/02/2257562--2026-09-02t200728386.webp'/><figcaption></figcaption></figure><p>उधमसिंह नगर के बाजपुर परगना क्षेत्र में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त रुख के बीच प्रशासन ने आज पांच और मदरसों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में किसी भी शिक्षण संस्थान को निर्धारित नियमों, मानकों और आवश्यक मान्यता की अनदेखी कर संचालित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।</p>
<p></p>
<p>आज की कार्रवाई के तहत मदरसा गुलशन इस्लाम, कनोरा-बाजपुर, मदरसा जामिया हनकिया रजा उल उलूम, चकरपुर, मदरसा जामिया फातिमा जेहरा, जगन्नाथपुर-बाजपुर, मदरसा मोईनुल उलूम, मोहल्ला गांधीनगर, केलखेड़ा तथा मदरसा हुज्जतुल इस्लाम, गुमसानी रोड, बाजपुर को सील किया गया। प्रशासन के अनुसार, यह कार्रवाई संबंधित संस्थानों के संचालन में आवश्यक मान्यता तथा निर्धारित नियमों और मानकों के अनुपालन से जुड़े मामलों की जांच के बाद की गई।</p>
<p></p>
<p>मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए स्पष्ट किया है कि शिक्षण संस्थानों का संचालन निर्धारित कानूनी एवं प्रशासनिक प्रावधानों के अनुरूप होना चाहिए। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित, व्यवस्थित और निर्धारित शैक्षणिक मानकों के अनुरूप वातावरण उपलब्ध कराना है। किसी भी संस्था को नियमों की अनदेखी कर मनमाने ढंग से संचालित करने की छूट नहीं दी जाएगी।</p>
<p></p>
<p>इसी नीति के तहत प्रशासन द्वारा बाजपुर क्षेत्र में संचालित संस्थानों की जांच और निरीक्षण की कार्रवाई की जा रही है। जांच के दौरान जहां आवश्यक मान्यता अथवा निर्धारित मानकों के अनुपालन से संबंधित कमियां सामने आ रही हैं, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। आज पांच मदरसों को सील किया जाना भी इसी कार्रवाई का हिस्सा है।</p>
<p></p>
<p>मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता अथवा नियमों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। किसी भी शिक्षण संस्थान के संचालन के लिए निर्धारित मान्यता, पंजीकरण, भवन एवं सुरक्षा संबंधी प्रावधानों तथा अन्य आवश्यक नियमों का पालन करना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्था के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p></p>
<p>बाजपुर क्षेत्र में पूर्व में भी नियमों के विपरीत अथवा आवश्यक मानकों के अनुरूप संचालित नहीं पाए गए संस्थानों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। प्रशासन द्वारा क्षेत्र में संचालित अन्य संस्थानों की स्थिति की जांच भी की जा रही है। जांच के दौरान यदि कोई अन्य संस्था निर्धारित प्रावधानों का उल्लंघन करती हुई पाई जाती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।</p>
<p></p>
<p>मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार का स्पष्ट रुख है कि कानून और नियम सभी के लिए समान हैं तथा किसी भी संस्था को नियमों से ऊपर नहीं माना जा सकता। सरकार विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण और सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है, वहीं निर्धारित मानकों और नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जा रही है।</p>
<p></p>
<p>आज की कार्रवाई के बाद प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि बाजपुर क्षेत्र में जांच एवं निरीक्षण का अभियान आगे भी जारी रहेगा। निर्धारित नियमों एवं मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर तथ्यों और जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार का जोर स्पष्ट, पारदर्शी और नियमसम्मत शिक्षा व्यवस्था पर है, जिसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता के लिए कोई स्थान नहीं होगा।</p>]]></content:encoded>
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<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
<dc:creator><![CDATA[Pratahkal Hub]]></dc:creator>
<pubDate>Wed, 02 Sep 2026 14:37:55 GMT</pubDate>
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