Todays Stock Market : शेयर बाज़ार में सोमवार की तेज़ शुरुआत अचानक रुक गई और दोपहर होते-होते बढ़त गिरावट में बदल गई। 25 नवंबर को सेंसेक्स और निफ्टी ने दिन के ऊपरी स्तर से तेज़ फिसलन दिखाई, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई। शुरुआती घंटों में मजबूत प्रदर्शन के बाद 11 बजे के आसपास सेंसेक्स 128 अंक टूटकर 84,772 पर और निफ्टी 27 अंक गिरकर 25,932 पर कारोबार कर रहा था। बाज़ार में लगभग उतने ही शेयरों में तेजी और गिरावट देखने को मिली, जिससे माहौल बेहद उतार-चढ़ाव वाला रहा।

दिन के उच्चतम स्तर से सेंसेक्स 350 अंक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी 26,000 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। बाज़ार की इस कमजोरी के पीछे कई वजहें थीं, जिनमें एफएंडओ एक्सपायरी, विदेशी निवेशकों की बिकवाली, मिश्रित वैश्विक संकेत और ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली प्रमुख रहीं।

मासिक निफ्टी एफएंडओ एक्सपायरी ने बाज़ार में भारी उतार-चढ़ाव पैदा किया। विश्लेषकों का मानना है कि एक्सपायरी से पहले ट्रेडर्स अपनी पोजीशन एडजस्ट करते हैं, जिससे बाज़ार कमजोर होता है। विदेशी निवेशकों की शॉर्ट पोजीशन बढ़ाने या घटाने की रणनीति भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाती दिखी।

उधर, निवेशकों की नजर अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर भी टिकी है, जो अगले महीने फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित कटौती के संकेत दे सकते हैं। इससे वैश्विक शेयर बाजारों पर असर पड़ना स्वाभाविक है।

वैश्विक संकेत सोमवार को मिश्रित रहे। अमेरिकी बाजारों में तेजी और ब्याज दरों में कटौती की संभावना सकारात्मक संकेत थे, लेकिन नैस्डैक में आई तेज उछाल ने एआई सेक्टर में दोबारा “बबल” बनने की आशंका बढ़ा दी। इसका असर भारतीय आईटी शेयरों पर पड़ा और निफ्टी आईटी लगभग 0.7% टूट गया।

एफआईआई भी लगातार दूसरे दिन बिकवाली करते दिखे। सिर्फ 24 नवंबर को ही उन्होंने 4,171 करोड़ रुपये की सेलिंग की, जिससे निफ्टी की ऊपर जाने की कोशिशों को मजबूत झटका लगा। विश्लेषकों का कहना है कि अगर कॉर्पोरेट कमाई मजबूत रही और भारत–अमेरिका के बीच व्यापार समझौता आगे बढ़ा, तो एफआईआई प्रवाह फिर बढ़ सकता है।

सूचकांकों में कमजोरी के बीच व्यक्तिगत शेयरों में भी दबाव देखा गया। बीपीसीएल, एचपीसीएल और इंडियन ऑयल लगभग 1.5% टूटे क्योंकि इन्वेस्टेक ने डीजल मार्जिन पर दबाव का हवाला देकर इन शेयरों की रेटिंग ‘होल्ड’ से ‘सेल’ कर दी। मीडिया और आईटी इंडेक्स की गिरावट सबसे तेज रही।

तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि निफ्टी को दोबारा मजबूती तभी मिलेगी, जब वह 26,000 के ऊपर टिके और 26,300 को decisively पार करे। ऊपरी स्तरों पर लगातार बिकवाली यह संकेत देती है कि बाजार फिलहाल चुनिंदा शेयरों में खरीदारी और सख्त जोखिम प्रबंधन की मांग कर रहा है।

बाज़ार की आज की हलचल यह दिखाती है कि घरेलू और वैश्विक दोनों मोर्चों पर दबाव बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में अमेरिकी आर्थिक संकेतकों, एफआईआई की पोजीशन और डेरिवेटिव्स डेटा के आधार पर बाजार की दिशा तय होगी।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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