Today's Share Market : सोमवार का कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए कमजोर साबित हुआ, जहां कारोबार की शुरुआत से लेकर अंतिम घंटों तक निवेशकों की सतर्कता और बिकवाली हावी रही। अमेरिकी–भारतीय व्यापार समझौते को लेकर अनिश्चितता और वैश्विक संकेतों की कमजोरी ने बाजार के मनोभाव पर सीधा असर डाला। इसी दबाव में प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दिन के अंत तक लाल निशान में फिसलकर बंद हुए।

दिन के कारोबार में सेंसेक्स 331.21 अंक यानी 0.39 प्रतिशत की गिरावट के साथ 84,900 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 108.65 अंक या 0.42 प्रतिशत टूटकर 25,959.50 पर आ गया। शुरुआती उतार-चढ़ाव के बावजूद बाजार एक सीमित दायरे में फंसा रहा, पर अंतिम घंटे में बढ़ी बिकवाली ने सूचकांकों की मजबूती को पूरी तरह कमजोर कर दिया।

सबसे अधिक दबाव रियल्टी और मेटल शेयरों पर देखा गया। निफ्टी रियल्टी 2.05 प्रतिशत गिरकर दिन का सबसे कमजोर सेक्टर सूचकांक बना। निफ्टी मेटल में 1.23 प्रतिशत, एनर्जी में 1.18 प्रतिशत, कमोडिटीज में 1.14 प्रतिशत, पीएसई में 1.42 प्रतिशत और एफएमसीजी में 0.66 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई। बाजार में गिरावट के बीच केवल निफ्टी आईटी सूचकांक ही मजबूती दिखा, जो 0.41 प्रतिशत की बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ।

कमजोरी का असर लार्ज कैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100, 194.70 अंकों की कमजोरी के साथ 60,081.60 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100, 151 अंकों की गिरावट के साथ 17,696.50 पर आ गया।

सेंसेक्स पैक में टेक महिंद्रा, एशियन पेंट्स, एचसीएल टेक, इन्फोसिस, अदाणी पोर्ट्स, एचडीएफसी बैंक, सन फार्मा और कोटक महिंद्रा बैंक प्रमुख गेनर्स रहे। दूसरी ओर बीईएल, टाटा स्टील, एमएंडएम, अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट, बजाज फिनसर्व, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, बजाज फाइनेंस, आईटीसी और एनटीपीसी में भारी गिरावट दर्ज की गई।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक अमेरिका–भारत ट्रेड एग्रीमेंट से पहले सतर्क रुख अपनाए हुए हैं, जिसके चलते बाजार की चाल सीमित दायरे में बंधी रही। दिन भर की स्थिरता के बाद आखिरी घंटे में बढ़ी बिकवाली आने वाले दिनों में अस्थिरता का संकेत देती है।

विश्लेषकों का मानना है कि बाजार की दिशा अब कई महत्वपूर्ण वैश्विक और घरेलू कारकों पर निर्भर करेगी—फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर में कटौती, अमेरिका के बेरोजगारी आंकड़े, भारत की GDP ग्रोथ और महंगाई दर आने वाले सत्रों में बाजार की धारणा को तय करेंगे। इन सभी संकेतकों पर बाजार की नजर टिकी रहेगी, क्योंकि किसी भी स्तर पर सकारात्मक या नकारात्मक डेटा बाजार की अगली बड़ी चाल का कारण बन सकता है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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