Today 's Share Market : लगातार छह दिनों की मजबूती के बाद घरेलू शेयर बाजार की तेज रफ्तार आखिरकार मंगलवार को थम गई। वैश्विक बाजारों में कमजोरी, आईटी और मेटल शेयरों में भारी बिकवाली और निवेशकों की मुनाफावसूली के दबाव ने बाजार को लाल निशान में धकेल दिया। शुरुआती कारोबार से ही बाजार का रुख कमजोर रहा और सत्र के अंत में दोनों प्रमुख इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए।

बीएसई सेंसेक्स 278 अंक यानी 0.33 प्रतिशत टूटकर 84,673.02 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी-50 भी 103.40 अंक (0.40%) फिसलकर 25,910.05 के स्तर पर आ गया। हाल की तेजी ने बाजार को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया था, लेकिन वैश्विक संकेतों ने घरेलू निवेश धारणा को झटका दिया।

दिन भर के कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, अडानी पोर्ट्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसे दिग्गज शेयरों पर देखा गया। दूसरी ओर भारती एयरटेल, एक्सिस बैंक, एशियन पेंट्स और टाइटन जैसे चुनिंदा शेयरों ने बाजार की गिरावट को कुछ हद तक थामने की कोशिश की।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू बाजार की कमजोरी की बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय संकेतों का बिगड़ना है। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने बताया कि दिसंबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कमजोर हुई हैं, जिससे निवेशकों की भावनाओं पर नकारात्मक असर पड़ा है। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर की मजबूती के चलते आईटी सेक्टर में दबाव बढ़ा और इसके प्रभाव से संबंधित अन्य सेक्टर भी प्रभावित हुए।

एशियाई बाजारों में भी दिनभर कमजोरी का माहौल रहा। दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का शंघाई कम्पोजिट, जापान का निक्की और हांगकांग का हैंग सेंग सभी लाल निशान में बंद हुए। यूरोप के प्रमुख बाजारों ने भी दोपहर के कारोबार में गिरावट का रुख दिखाया। अमेरिकी बाजार सोमवार को नुकसान के साथ बंद हुए थे, जिसने एशियाई और बाद में भारतीय बाजारों को स्पष्ट नकारात्मक संकेत भेजे।

इसी बीच, भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते की चर्चाएँ फिर सुर्खियों में हैं। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि इस संबंध में जल्द ही "अच्छी खबर" मिल सकती है और समझौता निष्पक्ष, न्यायसंगत और संतुलित होगा। बाजार विशेषज्ञों की नजर इस पर भी बनी हुई है कि यह समझौता आने वाले दिनों में निवेश वातावरण पर किस प्रकार प्रभाव डालेगा।

तेजी के लंबे दौर के बाद आई यह गिरावट निवेशकों को संकेत दे रही है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और आर्थिक संकेतकों की भूमिका आने वाले दिनों में और महत्वपूर्ण होने वाली है। फिलहाल बाजार उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है जहाँ अंतरराष्ट्रीय संकेत उसे ले जा रहे हैं, जबकि घरेलू कारक स्थिरता बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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