भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को मानो लाल निशान का चोला पहन लिया। सुबह के कमजोर संकेतों के बाद उम्मीद थी कि बाजार दिन में संभल सकता है, लेकिन वैश्विक दबाव और घरेलू आंकड़ों की चोट ने पूरे सत्र को अनिश्चितता के घेरे में धकेले रखा। नतीजा यह हुआ कि कारोबार के अंत में सेंसेक्स 400 अंक से अधिक टूट गया और निफ्टी भी 124 अंकों की तेज गिरावट के साथ फिसलकर वापस 26,100 के नीचे आ गया।

सत्र की शुरुआत से ही बाजार पर दबाव बना हुआ था। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 85,479 के स्तर पर था, लेकिन तेजी लौटने के कोई संकेत सामने नहीं आए। दोपहर तक बिकवाली तेज हो गई और प्रमुख सूचकांक गहरे लाल क्षेत्र में फिसलते चले गए। बंद होते-बंद होते सेंसेक्स 400.76 अंक या 0.47 प्रतिशत लुढ़ककर 85,231.92 पर आ गया। निफ्टी 124 अंक या 0.47 प्रतिशत टूटकर 26,068.15 के स्तर पर बंद हुआ।

कमजोरी केवल लार्जकैप में नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी भारी दबाव देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 687 अंक गिरकर 60,276 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में भी 219 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। बाजार के ज्यादातर सेक्टर्स का हाल भी निराशाजनक रहा। पीएसयू बैंक, आईटी, मेटल, फार्मा और ऊर्जा शेयरों में पूरे दिन मजबूत बिकवाली हावी रही, जबकि एफएमसीजी और कंजंप्शन ही ऐसे सेक्टर रहे जो मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में टिक पाए।

सेंसेक्स पैक में मारुति सुजुकी, एमएंडएम, एशियन पेंट्स, आईटीसी और इन्फोसिस जैसे चुनिंदा दिग्गजों ने बाजार को संभालने की कोशिश की, लेकिन कमजोर धारणा के आगे यह बढ़त टिक नहीं सकी। दूसरी ओर, टाटा स्टील, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और एलएंडटी जैसे दिग्गजों में गहरी गिरावट देखी गई, जिसने पूरे इंडेक्स पर दबाव बढ़ा दिया।

विश्लेषकों का मानना है कि इस गिरावट की बड़ी वजह अमेरिका के उम्मीद से बेहतर आए नॉन-फार्म पेरोल डेटा हैं, जिसके चलते दरों में कटौती की संभावनाएँ कमजोर पड़ गई हैं। इससे वैश्विक बाजारों में बेचैनी बढ़ी और भारतीय बाजार भी इससे अछूता नहीं रहा। इसके साथ ही भारत के कमजोर पीएमआई आंकड़ों ने निवेशकों की धारणा और भी बिगाड़ दी, जिसके कारण रुपये में भी तेज गिरावट दर्ज की गई।

दिनभर के उतार–चढ़ाव के बाद बाजार ने जिस तरह से कमजोरी के साथ सत्र समाप्त किया, उससे यह साफ है कि निवेशकों की नजर अब अगले सप्ताह आने वाले वैश्विक संकेतों और घरेलू आर्थिक संकेतकों पर टिकी रहेगी। फिलहाल, बाजार की दिशा पर अनिश्चितता का बादल छाया हुआ है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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