शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजारों में निवेशकों की चिंता फिर हावी रही। वैश्विक बाजारों के कमजोर संकेतों और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने सेंसेक्स और निफ्टी दोनों को लाल निशान में धकेल दिया। बीएसई का सेंसेक्स 465 अंकों की गिरावट के साथ 83,938 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई का निफ्टी 155 अंकों की फिसलन के साथ 25,722 पर आ गया। दिन के दौरान सेंसेक्स एक वक्त 498 अंक तक नीचे चला गया था।

विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता, कंपनियों के मिलेजुले तिमाही नतीजे और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की आक्रामक बिकवाली ने बाजार की धारणा पर दबाव डाला। वहीं, निजी बैंकों के शेयरों में जोरदार गिरावट ने इस कमजोरी को और बढ़ा दिया।

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से ICICI बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक, पावर ग्रिड, बजाज फिनसर्व और एनटीपीसी सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में रहे। हालांकि, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एलएंडटी, टीसीएस, आईटीसी और एसबीआई ने बाजार को संभालने की कोशिश की और बढ़त के साथ बंद हुए।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बाजार का मूड सकारात्मक नहीं रहा। चीन और हांगकांग के बाजार लाल निशान में बंद हुए, जबकि जापान और दक्षिण कोरिया में मामूली तेजी दर्ज की गई। यूरोपीय बाजारों में भी शुरुआती सत्र में कमजोरी का रुख देखा गया।

इस बीच, ब्रेंट क्रूड 0.31% टूटकर 64.80 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों (FII) ने गुरुवार को करीब 3,078 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू निवेशकों (DII) ने लगभग 2,469 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार में कुछ संतुलन लाने की कोशिश की।

कुल मिलाकर, बाजार फिलहाल वैश्विक संकेतों और विदेशी फंड फ्लो की दिशा पर टिका हुआ है। विश्लेषक मानते हैं कि निकट भविष्य में बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है, लेकिन जिन सेक्टरों में बुनियादी मजबूती है जैसे आईटी, एफएमसीजी और इंफ्रास्ट्रक्चर वे आने वाले सत्रों में निवेशकों के लिए स्थिर विकल्प बन सकते हैं।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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