डॉलर पर भारी पड़ा रुपया; निचले स्तर से हुई शानदार वापसी
विदेशी मुद्रा बाज़ार में इस हफ्ते भारतीय रुपया लगातार दबाव में दिखाई दे रहा है। फॉरेक्स ट्रेडर्स का कहना है कि कई घरेलू और वैश्विक कारकों के चलते करेंसी पर एक साथ दबाव बना हुआ है।

अमेरिका की ऊँची टैरिफ नीतियों और वीज़ा शुल्क में बढ़ोतरी ने भारतीय रुपये पर गहरा असर डाला है, जिससे करेंसी रिकॉर्ड निचले स्तर तक फिसल गई। हालांकि गुरुवार, २५ सितंबर २०२५ को शुरुआती कारोबार में रुपये ने थोड़ी राहत दी और १५ पैसे की रिकवरी के साथ डॉलर के मुकाबले ८८.६० के स्तर से ऊपर चढ़ते हुए निवेशकों को कुछ हद तक सहारा दिया।
विदेशी मुद्रा के करोबारियोंने (Forex Traders) भारतीय रुपये के इस हालात पर नजर रखते हुए इस बारे में कुछ कहा है। उनका कहना है की भारत का रुपया इस हफ्ते में भारी दबाव में है। कई फ़ैक्टरिज ने मिलकर भारतीय रुपए पर एक साथ दबाव डालने की कोशिश की है। इसमें H1B वीजा से लेकर हाई ट्रंप टैरिफ, कमज़ोर कॉर्पोरेट नतीजे और बाज़ारों का महंगा मूल्यांकन (High Valuation), इत्यादि जैसे कई कारण शामिल है। विदेशी निवेशकों ने लगातार अपने शेयर बेचकर मुनाफा निकालना शुरू कर दिया है। इसी वजह से बाज़ार में दबाव बना है और निवेशकों का भरोसा भी थोड़ा हिल गया है।
भारतीय रुपये ने शुक्रवार को विदेशी मुद्रा बाज़ार में थोड़ी मजबूती दिखाई। डॉलर के मुकाबले रुपया ८८.६५ पर खुला और कारोबार के दौरान ८८.६० के स्तर तक पहुंचा। यह एक दिन पहले मतलब जब रुपया ८८.७५ पर बंद हुआ था तब की तुलना में १५ पैसे की रिकवरी है। फॉरेक्स कारोबारियों का कहना है कि निवेशक अभी भी वैश्विक व्यापार में अनिश्चित माहौल, अमेरिका की बढ़ी वीज़ा फीस और भारतीय आईटी सेवाओं पर के असर को लेकर सतर्क हैं। इन वजहों से रुपये पर लगातार दबाव बना हुआ है।
उधर, डॉलर इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ ९७.७५ पर कारोबार कर रहा था और ब्रेंट क्रूड ऑयल भी ०.३६% गिरकर ६९.०६ डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। घरेलू शेयर बाज़ार में भी शुरुआती गिरावट के बाद सुधार दिखा, जहां सेंसेक्स करीब १०० अंक चढ़ा और निफ्टी ५० लगभग २५ ,१०० के स्तर पर कारोबार करता दिखा।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
