"RBI के नए सिस्टम ने बढ़ाई मुश्किलें; चेक क्लियरिंग में लग रहे 12 दिन
RBI ने शुरू की सेम डे चेक क्लियरिंग, लेकिन लोगों को 10-12 दिन लग रहे हैं चेक क्लियर होने में। व्यापारी और आम जनता दोनों परेशान, सुविधा बनी झंझट।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने 4 अक्टूबर से सेम डे चेक क्लियरिंग की नई सुविधा शुरू की थी। इस सुविधा के तहत अब आपका चेक उसी दिन क्लियर हो जाना चाहिए, जिससे व्यापारियों और आम लोगों को तेजी से पेमेंट मिलने में मदद मिलती। लेकिन, लागू होते ही इस सिस्टम में कई तकनीकी दिक्कतें सामने आई हैं। कई मामलों में चेक क्लियर होने में 10 से 12 दिन लग रहे हैं, जिससे लोगों और कारोबारियों दोनों को परेशानी हो रही है।
व्यापारियों की चिंता और CTI की प्रतिक्रिया :
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि इस नई सुविधा का असर व्यापारी और आम नागरिकों पर उल्टा पड़ रहा है। शुरुआत में व्यापारियों ने RBI के इस कदम का स्वागत किया था, उन्हें उम्मीद थी कि इससे लेन-देन आसान और तेज होगा। लेकिन, नए सिस्टम की तकनीकी खामियों और स्टाफ की पूरी ट्रेनिंग न होने के कारण व्यापारियों को भारी झंझट का सामना करना पड़ रहा है। दिवाली जैसे महत्त्वपूर्ण समय में पेमेंट अटकने से ऑर्डर कैंसल हो रहे हैं और व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
बैंक की दलील और तकनीकी समस्याएं :
बैंकों का कहना है कि सिस्टम में अभी पूरी तरह दक्षता नहीं है। नए CTS (चेक ट्रांजेक्शन सिस्टम) फीचर के तहत बैंक चेक की स्कैन कॉपी संबंधित बैंक को भेजती है और उसे तय समय में एक्सेप्ट या रिजेक्ट करना होता है। इसका उद्देश्य था कि चेक एक ही दिन क्लियर हो जाए। लेकिन, तकनीकी ग्लिच और स्टाफ की कम ट्रेनिंग के कारण कई बैंकों में चेक क्लियर होने में 10-15 दिन लग रहे हैं। कुछ बैंक तो चेक लेने से ही मना कर रहे हैं। इस वजह से कारोबारी बैंक के चक्कर काटने में समय और पैसे दोनों खो रहे हैं।
नए सिस्टम का मकसद और उम्मीदें :
CTS सिस्टम पुराने तरीके से बेहतर है। पहले बैंक चेक को फिजिकली संबंधित बैंक में भेजते थे, जिससे क्लियरिंग में 2-3 दिन लग जाते थे। नए सिस्टम का मकसद यही था कि डिजिटल प्रक्रिया से चेक तुरंत क्लियर हो जाए और कारोबारियों का पैसा समय पर मिले। हालांकि, अभी शुरुआती परेशानियों के कारण इसका लाभ नहीं मिल रहा। CTI ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर इस समस्या से अवगत कराया है और उम्मीद जताई है कि जल्द ही तकनीकी खामियों को दूर कर कारोबारी लेन-देन को सुचारु बनाया जाएगा।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
