भारत की GDP पर रेटिंग एजेंसी का बड़ा ऐलान; खत्म हुआ मंदी का खतरा!
इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (Ind-Ra) ने अनुमान लगाया है कि वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में भारत की GDP 7.2% की दर से बढ़ेगी। रिपोर्ट के अनुसार, निजी खपत, निवेश मांग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की मजबूती ने इस वृद्धि को गति दी है, जिससे अर्थव्यवस्था में मंदी का दौर समाप्त होता दिख रहा है।

वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, अमेरिकी व्यापार नीति की सख्ती और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उथल-पुथल के बीच भारत की अर्थव्यवस्था ने एक बार फिर मजबूती का संकेत दिया है। रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (Ind-Ra) के ताजा अनुमान के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) 7.2% की दर से बढ़ सकती है। एजेंसी का कहना है कि यह वृद्धि दर पिछले पांच तिमाहियों में सबसे अधिक होगी, जो भारतीय अर्थव्यवस्था की लचीलापन और आंतरिक मांग की मजबूती को दर्शाती है।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा 28 नवंबर को जारी किए जाने वाले आधिकारिक GDP आंकड़ों से इस अनुमान की पुष्टि होगी। रिपोर्ट के अनुसार, निजी खपत (Private Consumption) में तेजी इस विकास दर का प्रमुख आधार है। एजेंसी का कहना है कि उच्च और निम्न दोनों आय वर्गों की वास्तविक आय में सुधार हुआ है, जिससे घरेलू मांग में वृद्धि देखी गई है।
इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के अनुसार, इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की मजबूती, सेवा क्षेत्र की उत्कृष्ट स्थिति और वस्तु एवं सेवा निर्यात में बढ़ोतरी ने दूसरी तिमाही की वृद्धि को गति दी है। वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में निजी खपत में लगभग 8% की वृद्धि का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 6.4% की तुलना में उल्लेखनीय उछाल है।
एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार द्वारा आयकर दरों में की गई कटौतियों ने उपभोग मांग को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में वस्तु एवं सेवा कर (GST) दरों के युक्तिकरण के चलते उपभोग में अस्थायी मंदी देखी गई है, फिर भी समग्र आर्थिक गति बरकरार है।
निवेश मांग (Investment Demand) में भी मजबूती देखी जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, निवेश में सालाना आधार पर 7.5% की वृद्धि हुई है। सरकार के स्थिर पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) और अवसंरचना परियोजनाओं में निरंतर निवेश ने इस वृद्धि को बनाए रखने में निर्णायक भूमिका निभाई है।
रेटिंग एजेंसी का आकलन यह स्पष्ट करता है कि भारत की अर्थव्यवस्था अब मंदी के दौर से निकलकर पुनः स्थिर विकास की राह पर लौट रही है। निजी खपत, निवेश और उत्पादन क्षेत्र की मजबूती ने देश की आर्थिक संरचना को नई ऊर्जा दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यही रफ्तार कायम रही, तो भारत आने वाले वर्षों में विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है।
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Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
