जर्मनी के बर्लिन ग्लोबल डायलॉग सम्मेलन में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने साफ कहा कि भारत किसी भी व्यापार समझौते में जल्दबाजी नहीं करेगा। उनका कहना था कि भारत निष्पक्ष और न्यायसंगत (Fair & Equitable) सौदे चाहता है, जो देश के व्यापारिक विकल्पों को सीमित न करें। गोयल ने बताया कि भारत की व्यापार नीति दीर्घकालिक सोच पर आधारित है, न कि केवल तुरंत लाभ पाने के दबाव पर। व्यापार समझौते सिर्फ टैरिफ या कीमतों तक सीमित नहीं होते, बल्कि भरोसा और मजबूत साझेदारी पर आधारित होते हैं।

भारत फिलहाल अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत कर रहा है। हालांकि, बाजार तक पहुंच, पर्यावरण मानक और उत्पादों की उत्पत्ति के नियमों को लेकर अभी मतभेद बने हुए हैं। गोयल ने स्पष्ट किया कि भारत कोई भी समझौता जल्दबाजी में नहीं साइन करेगा और यह निर्णय केवल छह महीने या एक साल के लिए नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की साझेदारी को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।

इसके अलावा, उन्होंने कहा कि अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय देशों की तरफ से रूस से सस्ता तेल खरीदने को लेकर दबाव है। गोयल ने जोर देकर कहा कि भारत के लिए सस्ती ऊर्जा जरूरी है ताकि आम लोगों को लाभ मिले और देश की ऊर्जा सुरक्षा बनी रहे। भारत-अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता लगातार जारी है। गोयल के अनुसार, दोनों देशों की टीमें बातचीत में लगी हुई हैं और जल्द ही एक निष्पक्ष और संतुलित समझौता होने की उम्मीद है।

गोयल जर्मनी दौरे पर हैं और इस दौरान उन्होंने भारत-ईयू FTA पर कई वरिष्ठ अधिकारियों और उद्योगपतियों से मुलाकात की। उनका कहना है कि दोनों पक्ष इस समझौते को जल्द पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि भारत और यूरोप के बीच मजबूत आर्थिक साझेदारी बनी रहे। इस बयान से साफ हो गया है कि भारत अपने व्यापारिक फैसलों में स्वतंत्र और संतुलित नीति अपनाएगा, चाहे दबाव कितना भी क्यों न आए।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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