कुछ समय पहले स्टरलिंक की योजना को भारत में लाने हेतु एक आवेदन मिला था। उस वक्त एलन मस्क की स्पेसएक्स (SpaceX) के स्वामित्व वाली स्टारलिंक (Starlink) की इंटरनेट स्पीड कई टेराबाइट तक जा सकती है, जो मौजूदा एयरटेल-यूटेलसैट वनवेब और जियो-एसईएस की सर्विसेज से 80-90 गुना तेज होगी, ऐसा कहा जा रहा था। इसके बाद कुछ ही दिनों में Airtel और Reliance Jio केसाथ Starlink ने अपनी साझेदारी भी करवा लीयी थी। अब इसके बाद भारत में जल्द ही एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी Starlink अपनी सेवाओं की शुरुआत कर सकती है। कंपनी देशभर में 9 गेटवे अर्थ स्टेशन स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है, जिनमे मुंबई, नोएडा, चंडीगढ़, हैदराबाद, कोलकाता और लखनऊ जैसे बड़े शहर शामिल हैं। यह स्टेशन सैटेलाइट के जरिए पूरे भारत में इंटरनेट कनेक्टिविटी मजबूत करेंगे।

Starlink की खासियत यह है कि यह इंटरनेट को पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क से स्वतंत्र बनाता है। यानी, दूर-दराज के ऐसे गांव जहाँ मोबाइल नेटवर्क नहीं पहुंचता, वहाँ भी हाई-स्पीड इंटरनेट उपलब्ध हो सकेगा। एक न्यूज़ रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने अपने Gen-1 सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन के लिए भारत सरकार को औपचारिक आवेदन दिया है। इस नेटवर्क के जरिये Starlink 600 गीगाबिट प्रति सेकंड की स्पीड वाला इंटरनेट उपलब्ध करवाने की योजना बना रही है।

सरकार ने फिलहाल कंपनी को डेमो प्रोजेक्ट के लिए अस्थायी स्पेक्ट्रम के उपयोग की अनुमति दी है, ताकि सुरक्षा और तकनीकी परीक्षण किए जा सकें। इसके तहत Starlink को भारत में 100 यूजर टर्मिनल लाने और केवल फिक्स्ड सैटेलाइट सर्विस तक सीमित रहने की अनुमति दी गई है। केंद्र सरकार ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह भी निर्देश दिए हैं कि ट्रायल के दौरान Starlink द्वारा एकत्र किया गया सारा डेटा भारत के अंदर ही सुरक्षित रखा जाए। साथ ही, कंपनी को हर 15 दिन में अपनी गतिविधियों की रिपोर्ट दूरसंचार विभाग (DoT) और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों के साथ साझा करनी होगी।

दिलचस्प बात यह है कि Starlink ने अपने अर्थ स्टेशनों के संचालन के लिए विदेशी तकनीकी विशेषज्ञों की अनुमति मांगी थी, जिसे सरकार ने फिलहाल गृह मंत्रालय की सुरक्षा मंजूरी मिलने तक ठुकरा दिया है। अभी के लिए केवल भारतीय नागरिक ही इन स्टेशनों को संचालित कर सकेंगे। Starlink की एंट्री से भारत में सैटेलाइट इंटरनेट के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और ऐसे इलाकों में डिजिटल पहुंच संभव होगी, जहाँ अब तक इंटरनेट का नामो-निशान नहीं था। हालांकि, आम लोगों को इसकी सेवा ट्रायल पूरा होने के बाद ही मिल पाएगी।



Updated On
Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

Next Story