Motilal Oswal Research allegations : कायन्स टेक्नोलॉजी के ₹490 करोड़ के ब्लॉक डील ने बाजार में हलचल मचाई और सोशल मीडिया पर कई तरह की अटकलें तेज़ हो गईं। इन बढ़ते सवालों के बीच घरेलू ब्रोकरेज दिग्गज मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी कर साफ किया है कि उसकी रिसर्च (सेल-साइड) और निवेश प्रबंधन (बाय-साइड) टीमें पूरी तरह स्वतंत्र रूप से काम करती हैं तथा एक की राय दूसरे के निवेश फैसलों को निर्देशित नहीं करती।

18 नवंबर को मोतीलाल ओसवाल की बाय-साइड इकाई ने लॉक-इन अवधि समाप्त होते ही एनएसई और बीएसई पर बड़े पैमाने पर ब्लॉक ट्रेड्स के ज़रिये लगभग ₹490 करोड़ मूल्य के कायन्स टेक शेयर बेचे। बाजार में इस भारी बिक्री के बाद शेयर में दिन के दौरान छह प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई, जिससे निवेशकों के बीच यह बहस तेज हो गई कि क्या बाय-साइड की कार्रवाई सेल-साइड की हालिया ‘खरीदें’ रेटिंग से विरोधाभासी है। कंपनी की रिसर्च टीम ने 5 नवंबर को कायन्स टेक्नोलॉजी पर ₹8,200 के लक्ष्य मूल्य के साथ खरीदारी की सिफारिश जारी की थी, जो पिछले बंद भाव से 23 प्रतिशत ऊपर की दिशा दिखाती थी।

सोशल मीडिया पर उठे सवालों और ‘संरेखण विवाद’ को देखते हुए कंपनी के सह-संस्थापक मोतीलाल ओसवाल ने बयान जारी कर स्पष्ट किया कि दोनों विभाग अपने-अपने अधिदेश, जोखिम ढांचे, रणनीति और समय क्षितिज के आधार पर स्वतंत्र निर्णय लेते हैं। उन्होंने कहा कि सेल-साइड टीम का काम केवल उद्योग, वित्तीय प्रदर्शन और मूल्यांकन ढांचे के आधार पर वस्तुनिष्ठ शोध देना है, न कि निवेश निर्णय लेना। वहीं बाय-साइड टीम अपने फंड अधिदेशों, पोर्टफोलियो संतुलन, तरलता आवश्यकताओं और निवेश दर्शन के आधार पर खरीद, होल्ड या बिक्री का निर्णय लेती है।

कंपनी ने यह भी दोहराया कि उसके विभागों के बीच कोई भी समन्वित निर्णय प्रक्रिया नहीं होती और इस प्रकार किसी एक टीम की सिफारिश दूसरी टीम के निवेश व्यवहार को परिभाषित नहीं करती। हालिया प्रकरण ने बाजार को याद दिलाया है कि बड़े वित्तीय संस्थानों के भीतर शोध और निवेश प्रबंधन अलग-अलग ढांचे में संचालित होते हैं तथा किसी एक कार्रवाई को दूसरी के इरादे से जोड़ना उचित नहीं है।

कायन्स टेक्नोलॉजी के इस सौदे ने जहां एक ओर निवेशकों में उत्सुकता बढ़ाई, वहीं मोतीलाल ओसवाल के इस स्पष्ट संदेश ने विभागीय स्वतंत्रता, अनुसंधान की निष्पक्षता और संस्थागत पारदर्शिता के महत्व को एक बार फिर मजबूत आधार प्रदान किया।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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