देश की अर्थव्यवस्था में एक सकारात्मक संकेत देते हुए, तेजी से बढ़ते उपभोक्ता बाजार ने दूसरी तिमाही में नई ऊंचाइयों को छुआ है। जुलाई से सितंबर के बीच, एफएमसीजी (फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स) की बिक्री में साल-दर-साल 4.7 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई, जो जीएसटी दरों में कटौती से पहले ही शुरू हो चुकी थी। यह वृद्धि न केवल पिछली तिमाही की 3.6 प्रतिशत की दर से अधिक है, बल्कि एक साल पहले की 4 प्रतिशत की वृद्धि को भी पीछे छोड़ती है, जो बाजार में उभरती रिकवरी की कहानी बयां करती है।


इस उछाल की शुरुआत घरेलू उपयोग वाले उत्पादों और किराना सामानों से हुई, जहां मांग में अचानक तेजी आई। ब्रिटेन की रिसर्च कंपनी न्यूमेरेटर के ताजा आंकड़ों के अनुसार, एफएमसीजी सेक्टर में यह ग्रोथ ब्रांडेड, लोकल और बिना पैकेज वाले थोक सामानों तक फैली हुई है। घरेलू देखभाल श्रेणी ने 6.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ नेतृत्व किया, जिसमें वाशिंग लिक्विड की बिक्री 61 प्रतिशत, फैब्रिक कंडीशनर की 15 प्रतिशत और वाशिंग पाउडर की 4 प्रतिशत की वृद्धि शामिल है। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि उपभोक्ता अब दैनिक जरूरतों पर अधिक खर्च करने को तैयार हैं, जो अर्थव्यवस्था की मजबूती का प्रमाण दर्शाता है।


पर्सनल केयर उत्पादों ने भी इस रिकवरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्किन क्रीम की बिक्री में 14 प्रतिशत, हेयर कंडीशनर में 19 प्रतिशत और हेयर डाई में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई। वहीं, पैकेज्ड फूड और पेय पदार्थों, जो एफएमसीजी बाजार का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा हैं, ने भी सकारात्मक प्रदर्शन किया। नूडल्स और नमकीन स्नैक्स की बिक्री 6 प्रतिशत बढ़ी, जबकि खाद्य तेलों में 3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। ये बदलाव उपभोक्ताओं के बदलते व्यवहार को दर्शाते हैं, जहां आवश्यकता से आगे बढ़कर सुविधा और गुणवत्ता पर जोर दिया जा रहा है।


उद्योग के विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि बाजार के लिए शुभ संकेत है। विप्रो कंज्यूमर केयर एंड लाइटिंग के सीईओ विनीत अग्रवाल ने बताया कि सामान की कीमतों में कमी और पेट्रोल-डीजल पर अतिरिक्त खर्च न बढ़ने से उपभोक्ता विश्वास बढ़ा है। हालांकि नौकरियों की स्थिति अभी भी थोड़ी कमजोर है, लेकिन अच्छे मानसून और टैक्स राहत के प्रभाव से बाजार में आगे सुधार की उम्मीद है। हिंदुस्तान यूनिलीवर की प्रबंध निदेशक प्रिया नायर ने विश्लेषकों से कहा कि कंपनी का पूरा फोकस ग्रोथ पर है, जो मुनाफे और ऑपरेटिंग मार्जिन को मजबूत रखने में मदद करेगा।


जीएसटी में हालिया बदलावों ने सप्लाई चेन को प्रभावित किया था, जिससे स्टॉक और बिक्री में कुछ अवरोध आए। लेकिन अब जैसे-जैसे चीजें सामान्य हो रही हैं, अधिकतर कंपनियां वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में और अधिक बिक्री की उम्मीद कर रही हैं। यह रिकवरी न केवल एफएमसीजी सेक्टर को मजबूत कर रही है, बल्कि समग्र अर्थव्यवस्था में उपभोक्ता-आधारित विकास की नींव रख रही है, जो आने वाले समय में रोजगार और निवेश को बढ़ावा दे सकती है।


देश के उपभोक्ता बाजार में यह उछाल एक बड़े बदलाव का संकेत है, जहां जीएसटी कटौती से पहले ही मांग में तेजी ने सेक्टर की लचीलापन को साबित किया है। यदि यह गति बनी रही, तो एफएमसीजी उद्योग न केवल राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बनेगा, बल्कि लाखों परिवारों की दैनिक जरूरतों को और बेहतर तरीके से पूरा करेगा।


Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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