Damodar Valley Corporation: 7,300 करोड़ रुपये से अधिक निवेश, केंद्रीय मंत्रालय की बड़ी घोषणा
केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने 25 नवंबर 2025 को झारखंड और ओडिशा में तीन कोयला ब्लॉक सफलतापूर्वक आबंटित किए। इन ब्लॉकों में निवेश 7,300 करोड़ रुपये से अधिक होगा, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और खनन क्षेत्र में रोजगार और औद्योगिक उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा

कोयला नीलामी 2025
देश के कोयला क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। बुधवार, 25 नवंबर 2025 को केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने घोषणा की कि झारखंड और ओडिशा में वाणिज्यिक नीलामी के 13वें दौर के तहत तीन कोयला ब्लॉक सफलतापूर्वक आबंटित किए गए हैं। इन ब्लॉकों के माध्यम से अनुमानित निवेश 7,300 करोड़ रुपये से अधिक का होगा, जिससे भारत के ऊर्जा और खनन क्षेत्र में नई गति आने की उम्मीद जताई जा रही है।
इन तीनों ब्लॉकों में सबसे बड़ी बोलीदात्री Damodar Valley Corporation (DVC) रही। DVC ने झारखंड के ‘पिरपांती बरहाट’ और ‘ढुलिया नार्थ’ ब्लॉक तथा ओडिशा के ‘मंडाकिनी‑B’ ब्लॉक हासिल किए। इन ब्लॉकों की कुल भौगोलिक भंडार क्षमता लगभग 3,306.58 मिलियन टन बताई गई है, और इनकी Peak Rated Capacity (PRC) 49 मिलियन टन प्रति वर्ष निर्धारित की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन ब्लॉकों से न केवल कोयला उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि ऊर्जा की घरेलू आपूर्ति को सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।
सरकार का कहना है कि 2020 से शुरू हुए वाणिज्यिक कोयला खनन के 13 दौरों में अब तक कुल 136 ब्लॉक आबंटित किए जा चुके हैं। इन सभी ब्लॉकों की कुल उत्पादन क्षमता लगभग 325.04 मिलियन टन प्रतिवर्ष बताई जाती है। इस प्रक्रिया से भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और आयातित कोयले पर निर्भरता में कमी आएगी।
नीलामी से संबंधित अधिकारियों ने बताया कि इन ब्लॉकों के संचालन से बिजली, इस्पात और सीमेंट जैसे उद्योगों को कोयले की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इससे देश के औद्योगिक उत्पादन और निर्माण क्षेत्र में भी सकारात्मक असर देखने को मिलेगा। इसके अलावा, खनन क्षेत्र में रोजगार सृजन की दिशा में भी यह कदम महत्वपूर्ण है। अनुमान है कि इन तीन ब्लॉकों के संचालन से लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिल सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि नीलामी की सफलता भारत की आत्मनिर्भर ऊर्जा नीति के लिए महत्वपूर्ण है। यह न केवल खनन क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देगी, बल्कि देश की ऊर्जा आवश्यकता को पूरा करने और लंबे समय तक ऊर्जा संकट से बचाने में भी मददगार साबित होगी। आने वाले वर्षों में इन ब्लॉकों का उत्पादन शुरू होने के साथ ही भारत की कोयला अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।
इस नीलामी के परिणामस्वरूप खनन क्षेत्र में तकनीकी नवाचार और पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे सतत विकास और आर्थिक मजबूती सुनिश्चित की जा सकेगी।
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Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
