Bihar Election Result Stock Market Impact : भारतीय शेयर बाज़ार ने शुक्रवार को सप्ताह के आख़िरी ट्रेडिंग सेशन में जोरदार गिरावट दर्ज की, जिसने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी। सुबह से ही लाल निशान में खुले बाज़ार ने दोपहर तक गिरावट को और गहरा कर दिया। राजनीतिक अनिश्चितता, वैश्विक बाज़ारों की कमजोरी और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने मिलकर घरेलू मार्केट को भारी झटका दिया।

दोपहर करीब दो बजे बीएसई सेंसेक्स 409 अंकों की गिरावट के साथ 84,069 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। वहीं निफ्टी 50 भी 124 अंक फिसलकर 25,755 पर आ गया। टेक सेक्टर पर बिकवाली का दबाव इतना ज्यादा था कि निफ्टी आईटी इंडेक्स लगभग 1.82 प्रतिशत तक टूट गया। बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार यह गिरावट कई कारणों के संयुक्त असर का नतीजा है, जिसमें सबसे बड़ा फैक्टर बिहार विधानसभा चुनाव के रुझान रहे।

बिहार चुनाव के नतीजों के पहले और दौरान निवेशकों ने जोखिम भरे सौदों से दूरी बनाई। बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, ट्रेडर्स पूरी तरह चुनावी माहौल को लेकर सतर्क रहे, जिसके चलते बाज़ार में उतार-चढ़ाव और गिरावट दोनों बढ़े। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी.के. विजयकुमार ने कहा कि आज का कारोबार पूरी तरह बिहार चुनाव पर केंद्रित रहा, हालांकि यह असर लंबे समय तक रहने की उम्मीद नहीं है।

बाज़ार पर दबाव बढ़ाने वाला दूसरा बड़ा कारक वैश्विक क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल रहा। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड 2.71 फीसदी उछलकर 60.28 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जिससे भारतीय बाज़ार में डर बढ़ा क्योंकि भारत अपनी तेल आवश्यकताओं का बड़ा हिस्सा आयात करता है। महंगे कच्चे तेल का सीधा असर मुद्रा, महंगाई और मार्केट सेंटिमेंट—तीनों पर पड़ता है।

विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली ने गिरावट को और गहरा किया। पिछले चार दिनों से एफआईआई भारतीय बाज़ार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं। गुरुवार को ही उन्होंने लगभग 383.68 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जिससे मार्केट सेंटीमेंट पर दबाव दिखा। यह संकेत है कि वैश्विक जोखिम अभी भी उच्च है और विदेशी निवेशक सुरक्षित बाज़ारों की ओर धन स्थानांतरित कर रहे हैं।

वैश्विक संकेत भी बिल्कुल अनुकूल नहीं रहे। अमेरिकी बाज़ारों में गुरुवार को बड़ी गिरावट दर्ज हुई, जिसका असर एशियाई बाज़ारों पर भी दिखा। कोरिया का कोस्पी 2.2 प्रतिशत, जापान का निक्केई 1.7 प्रतिशत और हांगकांग का हैंगसेंग 1.4 प्रतिशत टूट गया। इन सभी कारकों ने भारतीय बाज़ार में दबाव को कई गुना बढ़ा दिया।

शुक्रवार का यह भारी गिरावट भले ही मिश्रित कारणों का परिणाम हो, लेकिन इसने साफ कर दिया है कि घरेलू और वैश्विक माहौल दोनों ही संवेदनशील बने हुए हैं। जैसे-जैसे राजनीतिक तस्वीर और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियाँ स्पष्ट होंगी, बाज़ार की दिशा तय होगी। तब तक निवेशकों के लिए सतर्क रहना ही समझदारी है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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