8वां वेतन आयोग भारत सरकार द्वारा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों के वेतन और भत्तों की समीक्षा और पुनर्गठन के लिए गठित एक अस्थायी संस्था है। इसे जनवरी 2025 में बनाया गया था और अक्टूबर 2025 में, इसके सभी नियम और शर्तों को मंज़ूरी दी गई है। सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई इस आयोग के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किए गए हैं। इनके साथ इस आयोग में एक पार्ट-टाइम सदस्य और एक सदस्य सचिव भी शामिल हैं, जो 18 महीनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगे।


1 जनवरी 2026 से आयोग की रिपोर्ट के आधार पर, नए वेतनमान और भत्ते लागू होने की संभावना है। इससे लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 69 लाख से अधिक पेंशनधारकों को फ़ायदा होगा। इस आयोग में वेतन की बढ़त के लिए फिटमेंट फैक्टर को महत्वपूर्ण माना जाता है, जो बेसिक वेतन के बढ़ोतरी का गुणक होता है।


विशेषज्ञों के अनुमान के अनुसार यह फैक्टर 1.83 से 2.46 के बीच हो सकता है, जिससे कर्मचारियों की बेसिक सैलरी दोगुनी से भी अधिक बढ़ सकती है। उदाहरण के लिए, लेवल-1 के कर्मचारियों की बेसिक सैलरी लगभग ₹18,000 से बढ़कर ₹44,000 तक पहुंच सकती है।


महंगाई भत्ता (DA) को शुरुआत में शून्य माना जाएगा क्योंकि इसे बेसिक वेतन में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा, ग्रैच्युटी लिमिट, प्रोविडेंट फंड और स्वास्थ्य योजनाओं में भी सुधार किए जाने की तैयारी है। सरकार आर्थिक स्थिति, वित्तीय सततता और कर्मचारियों के हितों को समझते हुए उपयुक्त बदलाव करने की दिशा में कार्यरत है। यह वेतन आयोग केंद्रीय कर्मचारियों के जीवन स्तर में सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है।



Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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