अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी, रिलायंस कम्युनिकेशंस और अन्य कंपनियों के खिलाफ 2,929 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग का नया मामला दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई सीबीआई (CBI) द्वारा दाखिल की गई रिपोर्ट के आधार पर की गई है। सीबीआई ने कुछ समय पहले ही इस घोटाले के लिए अनिल अंबानी और उनकी कंपनी को जिम्मेदार ठहराया था।



बुरे फंसे अनिल अंबानी :


अधिकारियों के अनुसार, ईडी की जांच सीबीआई की उस रिपोर्ट पर आधारित है, जिसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) को भारी नुकसान का जिम्मेदार रिलायंस कम्युनिकेशंस को ठहराया गया था। सीबीआई ने इस मामले में अनिल अंबानी के ठिकानों पर छापेमारी भी की थी। अब ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज करके जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के खिलाफ इससे पहले सीबीआई ने 2,929 करोड़ रुपये का बैंक फ्रॉड केस दर्ज किया था। अनिल अंबानी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि यह पूरी तरह से गलत और बेबुनियाद हैं। उनका दावा था कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। कंपनी की ओर से यह भी कहा गया था कि एसबीआई की शिकायत करीब दस साल पुराने मामले से जुड़ी है।



क्या है पूरा मामला ?


रिलायंस कम्युनिकेशंस की तरफ से जारी बयान में कहा गया था कि जब यह लेन-देन हुआ था, उस समय अनिल अंबानी केवल गैर-कार्यकारी निदेशक थे। उनका कंपनी के रोज़मर्रा के कामकाज से सीधा संबंध नहीं था। बावजूद इसके, सीबीआई और अब ईडी की जांच में उन्हें मुख्य आरोपी के तौर पर देखा जा रहा है। मनी लॉन्ड्रिंग के शक पर ईडी ने अपनी जांच तेज कर दी है। हाल ही में एजेंसी ने अनिल अंबानी के पूर्व करीबी अमिताभ झुनझुनवाला से पूछताछ की है। झुनझुनवाला का नाम पहले भी इस केस में आ चुका है। माना जा रहा है कि ईडी आने वाले दिनों में और गवाहों व अधिकारियों को तलब कर सकती है।



क्यों खास है यह बैंक फ्रॉड केस ?


यह मामला सिर्फ अनिल अंबानी ही नहीं बल्कि भारतीय बैंकिंग सेक्टर के लिए भी बड़ा झटका है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया समेत कई बैंकों ने रिलायंस कम्युनिकेशंस को हजारों करोड़ का लोन दिया था, जिसे चुकाने में कंपनी नाकाम रही। इसी वजह से सीबीआई ने इसे बैंक फ्रॉड करार दिया और अब ईडी भी इसमें मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस केस में अनिल अंबानी और उनकी कंपनियों को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। अगर ईडी को मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत मिलते हैं, तो आगे और सख्त कार्रवाई हो सकती है। दूसरी ओर, अनिल अंबानी लगातार यह दावा कर रहे हैं कि उन्हें राजनीति और कारोबारी प्रतिस्पर्धा की वजह से निशाना बनाया जा रहा है।


Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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