भारत की चहीती अभिनेत्री होने के बावजूद नहीं चला दीपिका का ब्रांड ; क्यों करना पड़ा घाटे का सौदा
बॉलीवुड अभिनेत्री Deepika Padukone के स्किनकेयर ब्रांड 82°E ने FY25 में ₹12.26 करोड़ का घाटा दर्ज किया है, जबकि रेवेन्यू में 30% की गिरावट आई। ब्रांड ने खर्चों में कटौती की, लेकिन कड़ी प्रतिस्पर्धा और बिक्री में दबाव के कारण लाभ अभी दूर है।

दीपिका पादुकोण
बॉलीवुड अभिनेत्री Deepika Padukone के स्वामित्व वाला स्किनकेयर ब्रांड 82°E वित्तीय वर्ष 2024‑25 में गंभीर वित्तीय दबाव का सामना कर रहा है। कंपनी ने इस दौरान ₹12.26 करोड़ का शुद्ध घाटा (net loss) दर्ज किया है। वहीं, ब्रांड की आमदनी (revenue) ₹21.21 करोड़ से घटकर लगभग ₹14.66‑14.70 करोड़ रह गई, यानी करीब 30% की गिरावट। यह आंकड़े इस बात का संकेत हैं कि शुरुआती निवेश और परिचालन व्यय में कटौती के बावजूद ब्रांड अभी भी लाभ की स्थिति में नहीं पहुँच पाया है।
82°E को एक मिड-प्रिमियम या प्रीमियम-एस्पायरिंग स्किनकेयर ब्रांड के रूप में लॉन्च किया गया था, जहाँ प्रोडक्ट्स की कीमत ₹2,500 से ₹4,000 के बीच रखी जाती है। ब्रांड ने शुरुआत में अपनी विशिष्ट पैकेजिंग, प्राकृतिक सामग्रियों और सेलिब्रिटी ब्रांडिंग के बल पर बाजार में पहचान बनाई। हालांकि, जैसे-जैसे भारतीय D2C स्किनकेयर बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ी, 82°E को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। विशेष रूप से Plum, mCaffeine और अन्य प्रतिस्पर्धी ब्रांड्स ने इस मूल्य वर्ग में तेजी से लोकप्रियता हासिल की, जिससे उपभोक्ताओं का विकल्प बढ़ गया और 82°E के लिए बिक्री में दबाव पैदा हुआ।
कंपनी की वित्तीय रिपोर्ट के अनुसार, FY25 में मार्केटिंग खर्च में भारी कटौती की गई, जो ₹20 करोड़ से घटकर केवल ₹4.4 करोड़ रह गया। कुल परिचालन व्यय भी ₹47.1 करोड़ से घटकर लगभग ₹25.9 करोड़ हो गया। इस रणनीति का उद्देश्य घाटे को कम करना और ब्रांड की स्थिति मजबूत करना था, लेकिन राजस्व की गिरावट को रोकने में यह पूरी तरह सफल नहीं हो सकी।
विश्लेषकों का कहना है कि 82°E की शुरुआती सफलता और ब्रांडिंग ने निश्चित रूप से ध्यान आकर्षित किया, लेकिन उपभोक्ताओं ने इसे अपेक्षित प्रतिस्पर्धी लाभ नहीं दिया। भले ही खर्चों में कटौती हुई, लेकिन बिक्री और राजस्व बढ़ाने की दिशा में पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा सके। यह दर्शाता है कि ब्रांड को ग्राहक आधार विस्तार, मूल्य-प्रति-लाभ संतुलन और मार्केटिंग रणनीति में सुधार की आवश्यकता है।
पिछले वित्तीय वर्ष FY24 में 82°E ने ₹23.4 करोड़ का घाटा दर्ज किया था। FY25 में यह घाटा ₹12.26‑12.3 करोड़ पर आ गया है, जो सुधार का संकेत है, लेकिन ब्रांड अभी भी लाभकारी स्थिति में नहीं पहुँचा है। कंपनी ने कहा है कि वह व्यय नियंत्रण, लागत कम करने और सेल्स बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है ताकि लंबी अवधि में लाभ की स्थिति हासिल की जा सके।
इस वित्तीय झटके के बावजूद, 82°E के लिए यह चुनौती एक अवसर भी प्रस्तुत करती है। यदि कंपनी अपने प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता, ब्रांडिंग, और प्रतिस्पर्धी मूल्य नीति को पुनः परिभाषित कर सके, तो यह ब्रांड भारतीय स्किनकेयर बाजार में स्थायी सफलता पा सकता है।
- Deepika Padukone skincare brand loss82E revenue drop 30 percent82E net loss FY25Deepika Padukone beauty brand financials82E marketing expense cutpremium skincare brand IndiaD2C skincare competition India82E revenue 14 crore FY25Deepika Padukone 82E challengesIndian skincare startup loss82E brand strategyDeepika Padukone cosmetic brand82E financial reportluxury skincare India82E market positioningdeepika ki skincare brand ka naam kya haideepika skincare brandskincare brand of deepikapratahkal newspratahkal daily

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
